द्रौपदी मुर्मू ने ‘जोहार’ से की अपने पहले संबोधन की शुरुआत
गर्वित हुआ है आदिवासी समाज
आदिवासी समाज आज देश में बहुत गर्वित और सम्मानित हुआ है. उनकी आशा आकांक्षाएं भी आसमान छूने को आतुर है. उनके गांव-समाज में ट्राइबल सेल्फ रुल सिस्टम में रिफार्म या सुधार के बगैर सर्वांगीण विकास असंभव है. अतएव आदिवासी सेंगेल ( सशक्तिकरण ) अभियान सभी आदिवासी गांव-समाज में आदिवासी राष्ट्रपति स्थापित करेगा. जो जनतंत्र और संविधान की रक्षा कर सके. आदिवासी सेंगेल अभियान ने सालखन मुर्मू के नेतृत्व में 18 अप्रैल 2022 को माननीय द्रौपदी मुर्मू को उनके निवास रायरंगपुर, मयूरभंज, ओड़िशा में मिलकर TRIBAL SELF RULE SYSTEM की खामियों और सुधार पर एक घंटा विस्तार से चर्चा की गयी थी. उन्होंने समय के साथ सुधार को अनिवार्य बताया.भेंट किया था सेंगेल पुस्तक
तत्पश्चात 22 जून 2022 को फिर उनको उनके निवास पर मिलकर बधाई दी और TSRS में सुधार के लिये "सेंगेल पुस्तक" भेंट किया. सेंगेल को पूर्ण आशा है. माननीय द्रौपदी मुर्मू के रूप में देश के साथ सभी आदिवासी गांव समाज को भी जनतंत्र और संविधान की रक्षार्थ प्रेरणा मिलेगी. माझी बाबा (ग्राम प्रधान) के रूप में राष्ट्रपति मिलेगा. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-mp-vidyut-varan-mahto-attended-draupadi-murmus-swearing-in-ceremony/">जमशेदपुर: द्रौपदी मुर्मू के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए सांसद विद्युत वरण महतो [wpse_comments_template]

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