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जमशेदपुर : तीन संगठनों के संयुक्त अधिवेशन में केंद्र सरकार की नीतियों की जमकर आलोचना

 
Jamshedpur (Sunil Pandey) : गोलमुरी स्थित दुसाध भवन में सोमवार को तीन संगठनों की ओर से आयोजित संयुक्त अधिवेशन में केंद्र सरकार की नीतियों की जमकर आलोचना की गई. अधिवेशन का विषय महंगाई, बेरोजगारी, श्रम, संसाधनों की लूट तथा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं थी. अधिवेशन का आयोजन डा. अम्बेडकर एससी एसटी ओबीसी माइनॉरिटी वेलफेयर समिति, पासवान समाज और साझा नागरिक मंच ने मिलकर किया. संचालन रवींद्र प्रसाद, जयचंद प्रसाद और सियाशरण शर्मा ने संयुक्त रुप से किया. अधिवेशन में वक्ताओं देश में व्याप्त वर्तमान समस्याओं के लिए केंद्र सरकार की नीतियों एवं योजनाओं को जिम्मेदार ठहराया. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-police-caught-one-in-telco-theft-goods-recovered/">जमशेदपुर:

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विलासिता की चीजों से ज्यादा खाद्य पदार्थ पर जीएसटी

अधिवेशन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों से यह जाहिर है कि खुद सरकार अनैतिक मुनाफाखोरी में संलिप्त है. इन्हें जानबूझकर जीएसटी के दायरे में नहीं लाया जा रहा. इस सरकार ने खाद्य पदार्थ और अन्य जरूरी चीजों पर विलासिता की चीजों से ज्यादा जीएसटी लगा दिया है. रोजगार के बड़े-बड़े बड़े वादे सरकार ने किए हैं, कोई पूरा नहीं हुआ. उल्टे रेलवे और सेना की पहले से चली आ रही कई नौकरियां खत्म कर गई. नोटबंदी और लॉकडाउन के आकस्मिक, मनमाने, बेरहम फैसले से लाखों लोगों का रोजगार खत्म हो गया. जो लोग रोजगार में है, उनके शारीरिक और मानसिक श्रम की लूट मची हुई है. परमानेंट की जगह कभी भी हटा देने वाला ठेकेदारी काम मिलता है. 10 से 12 घंटे काम की मजबूरी हो जाती है. काफी कम पारिश्रमिक मिलता है. इस लूट को बनाए रखने और बढ़ाए जाने के लिए मालिक के पक्ष में श्रम कोड बना दिए गए हैं.  इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-photo-contest-organized-by-tata-steel-on-the-birth-anniversary-of-jrd-tata/">जमशेदपुर

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दीर्घकालिक आंदोलन समय की जरूरत

अधिवेशन को संबोधित करते हुए कई वक्ताओं ने केंद्र सरकार की उपरोक्त नीतियों एवं योजनाओं की आलोचना के साथ-साथ एक व्यापक जनांदोलन शुरु करने की जरूरत पर बल दिया. कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार सरकारी संस्थानों और कारखानों को असली कीमत से काफी कम में बेच रही है. प्राकृतिक संसाधनों को विकास परियोजनाओं के लिए बर्बाद किया जा रहा है. खेतों मैदानों को पूंजीपतियों के हवाले किया जा रहा है. शिक्षा और चिकित्सा को भी अनियंत्रित मुनाफा बढ़ाने की चीज बनाया जा रहा है. उक्त सभी का विरोध जरूरी हो गया है. इसके लिए एक दीर्घकालिक आंदोलन की जरूरत है. अधिवेशन में राम कविंद्र, सुजॉय राय, तापस चट्टराज, सुख चंद्र झा, गणेश राम, राजकुमार दास, बालेश्वर दास, अशोक पासवान निहालुद्दीन खान, जयचंद प्रसाद, जगनारायण, शशांक, डीएनएस आनंद, विनोद कुमार, श्यामली राय, अशोक शुभदर्शी, अजीत कुमार प्रसाद, मंथन आदि उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-the-miscreants-snatched-the-drum-and-earring-from-the-woman-in-sidgora/">जमशेदपुर:

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