Jamshedpur (Sunil Pandey) : पांच दिवसीय ट्रेनिंग सह टूर पर हैदराबाद गए पूर्वी सिंहभूम समेत झारखंड के जिला परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष लौट आए हैं. सभी को वहां उनके अधिकारों के अलावे पंचायती राज व्यवस्था से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ अधिकारियों से समन्वय स्थापित करने के संबंध में अलग-अलग विषयों पर जानकारी दी गई. साथ ही उनके फिल्ड विजिट कराया गया. ट्रेनिंग के बाद शहर पहुंची पूर्वी सिंहभूम की जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया था. जिसमें झारखंड समेत अन्य राज्यों के निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधि शामिल हुए. उन्होंने बताया कि गांवों के विकास में पंचायती राज व्यव्स्था का अहम रोल है. जिसमें ग्रामसभा की भूमिका महत्वपूर्ण हैं. झारखंड का कुछ जिला पांचवीं एवं छठी अनुसूची में शामिल है. जहां ग्रामसभा की महता है. ऐसे में योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी सहभागिता जरूरी है. इसी तरह अधिकारियों से भी समन्वय स्थापित करना योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए जरूरी है. जिसका झारखंड में अभाव दिखता है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-6-children-of-jharkhand-martial-arts-training-center-received-black-belt/">जमशेदपुर
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हैदराबाद में पंचायत प्रतिनिधियों को मिलता है सम्मानजनक मानदेय
बारी मुर्मू ने बताया कि हैदराबाद समेत अन्य राज्यों में निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को सम्मानजनक मानदेय मिलता है. यहां तक की निर्वाचित वार्ड सदस्यों को भी मानदेय है. जबकि झारखंड में वार्ड सदस्यों को कोई मानदेय नहीं है. यहां महीनों तक मानदेय के नाम पर फूटी कौड़ी नहीं मिलती है. जबकि अन्य राज्यों में समय पर मानदेय प्राप्त होता है. जिससे सभी मनोयोग से पंचायती राज व्यवस्था के क्रियान्वयन में सहयोग करते हैं. उन्होंने कहा कि वे अपनी ओर से एक प्रस्ताव राज्य सरकार को प्रेषित करेंगी. जिसमें पंचायत प्रतिनिधियों के लिए उन्मुखीकरण व क्षमतावर्धन कार्यशाला के साथ-साथ योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी भूमिका, जवाबदेही आदि तय करने की मांग करेंगी. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-congress-organization-will-expand-up-to-panchayat-level-mahendra-pandey/">जमशेदपुर: कांग्रेस संगठन का पंचायतस्तर तक होगा विस्तार- महेंद्र पांडेय
जिले के निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को दी जाएगी ट्रेनिंग
जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू ने बताया कि हैदराबाद में पंचायती राज की योजनाओं के क्रियान्वयन से गांवों का समुचित विकास हुआ है. जबकि झारखंड में ग्रामसभा के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है. जिसके कारण योजनाओं के क्रियान्वयन में विरोध होता है. ग्रामसभा एवं ग्राम प्रधान को विश्वास में लेकर उन्हें योजनाओं का सकारात्मक महत्व बताकर विकास कार्यों का विस्तार किया जा सकता है. इस दिशा में उनके स्तर से कार्य शुरु होगा. पंचायतस्तर पर बैठकें आयोजित कर ट्रेनिंग में मिली जानकारियों से पंचायतस्तर के निर्वाचित प्रतिनिधियों को ट्रेनिंग देकर जागरूक किया जाएगा.इससे पहले पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता ने जिला परिषद अध्यक्ष से उनके कार्यालय में भेंट की. उन्होंने जिला परिषद अध्यक्ष को पंचायतस्तर पर मुखिया, पंसस, वार्ड सदस्यों को ट्रेनिंग देने तथा दूसरे राज्यों की व्यवस्था से अवगत कराने का अनुरोध किया. साथ ही सरकार से पत्राचार कर जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, मुखिया, उप मुखिया का मानदेय हैदराबाद की तर्ज पर लागू करने, बैंक के माध्यम से प्रत्येक माह मानदेय का भुगतान करने की मांग की. इसे भी पढ़ें : घाटशिला">https://lagatar.in/ghatshila-block-got-12-panchayat-secretaries-together-11-contributed/">घाटशिला: प्रखंड को एक साथ मिले 12 पंचायत सचिव, 11 ने किया योगदान [wpse_comments_template]
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