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जमशेदपुर : एसडीओ के आश्वासन के बाद डॉक्टरों की हड़ताल खत्म

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Jamshedpur (Rohit Kumar) : एमजीएम अस्पताल में उस वक्त हड़कंप मच गया जब अस्पताल में तैनात जूनियर डॉक्टर मंगलवार को धरने पर बैठ गए. इस दौरान अस्पताल की ओपीडी व्यवस्था चरमरा गई. जो लोग ओपीडी में इलाज कराने के लिए पहुंचे थे वे निराश होकर वापस लौट गए. वहीं कुछ मरीज इलाज के लिए सदर अस्पताल चले गए. मामला इतना बढ़ गया कि धालभूम एसडीओ पीयूष सिन्हा को खुद हस्ताक्षेप करना पड़ा. दरअसल, सोमवार देर रात अस्पताल में पांच साल की बच्ची अनू प्रधान की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा था और उन लोगों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर कमलेश की पिटाई कर दी थी. परिजनों ने आरोप लगाया था कि डॉक्टरों की लापरवाही से ही बच्ची की जान गई है. इधर, धरने पर बैठे डॉक्टरों को समझाने पहुंचे एसडीओ पीयूष सिन्हा ने सभी को कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ और तीन घंटे तक धरने पर बैठे डॉक्टर अपने काम पर वापस लौट गए. इसे भी पढ़ें : मनोहरपुर">https://lagatar.in/manoharpur-administration-alert-regarding-rail-teka-dahar-chheka-movement/">मनोहरपुर

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अस्पताल की सुरक्षा बढ़ेगी, बनेगा पुलिस पीकेट- एसडीओ

मामले को लेकर एसडीओ ने बताया कि डॉक्टरों की मांग है कि अस्पताल की सुरक्षा को बढ़ाया जाए और जिन लोगों ने मारपीट की है उन्हें गिरफ्तार किया जाए. इस मामले में जितने भी लोग शामिल है उन्हें पुलिस गिरफ्तार करेगी और अस्पताल में भी सुरक्षा को बढ़ाया जाएगा. उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर में पुलिस पीकेट बनाने का भी सुझाव मिला है जिसपर जल्द ही अमल किया जाएगा. फिलहाल इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है. डॉक्टरों ने 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-worship-and-religious-events-bring-unity-in-the-society-arvind-singh/">आदित्यपुर

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बच्ची में ब्रेन मलेरिया के लक्षण

बताया जाता है कि जब बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया था उस वक्त उसका कार्ड जांच की गई थी जांच में बच्ची में ब्रेन मलेरिया के लक्षण पाए गए थे. देर रात बच्ची की स्थिति भी बिगड़ने लगी थी, जिसकी जानकारी परिजनों को दी गई थी. बच्ची की मौत के बाद तक सब कुछ शांत था पर अचानक कई लोग डॉक्टर के चैंबर में घुसे और डॉक्टर के साथ मारपीट करने लगे. [wpse_comments_template]

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