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Jamshedpur : डॉ. अजय कुमार ने आईएएस आदित्य रंजन को बताया आरएसएस मानसिकता का अधिकारी

  • मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की
Jamshedpur (Sunil Pandey) : पूर्व सांसद सह कांग्रेस के वरीय नेता डॉ. अजय कुमार ने राज्य के शिक्षकों से अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने वाले आईएएस अधिकारी आदित्य रंजन पर कार्रवाई की मांग की. कहा ऐसे अधिकारी का व्यवहार व वक्तव्य आरएसएस की मानसिकता का लगता है. इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और शिक्षा मंत्री बैद्यनाथ राम को पत्र लिखा है. शनिवार को जमशेदपुर परिसदन में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए डॉ. अजय ने कहा कि झारखंड शिक्षा परियोजना के निदेशक आदित्य रंजन ने शिक्षकों के प्रति जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया गया है. वो अशोभनीय व शर्मनाक है. सभ्य समाज में इस प्रकार की भाषा का कोई स्थान नहीं है. डॉ. अजय ने कहा कि आश्चर्यजनक तरीके से 2014 के बाद से आईएएस और आईपीएस (नौकरशाहों) अधिकारियों के बात करने के तरीके औऱ व्यवहार में परिवर्तन परिलक्षित हो रहा है. जो समाज और देश के लिए ठीक नहीं है. इसे भी पढ़ें : 2023">https://lagatar.in/2-16-lakh-indian-citizens-renounced-citizenship-congress-targets-modi-government/">2023

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प्रशिक्षण में सिखाया जाता है विपरीत परिस्थितियों में धैर्य रखना

आदित्य रंजन पहले और अंतिम अधिकारी नहीं इससे पूर्व महाराष्ट्र की अधिकारी पूजा खेडकर के अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ किया गया व्यवहार सबके सामने है. इन सब पर आरएसएस की मानसिकता हावी होती जा रही है. क्योंकि हाल ही में केंद्र सरकार ने एक आदेश जारी कर सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों को आरएसएस ज्वाइन करने का आदेश दिया है. इससे पहले आरएसएस से जुड़े उसके संकल्प नामक संस्था ने सिविल सेवा परीक्षा में बड़ी संख्या में डॉक्टर्स, इंजीनियर्स समेत प्रोफेशनल्स के आने पर चिंता जताई थी. जिस तरह आरएसएस और बीजेपी ने ऐसी प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षाओं के कार्यों को अपने हाथ में ले लिया है, तो कभी-कभी डर लगता है कि उन परिवारों का क्या होगा जो केवल अपने बच्चों को आईएएस, आईपीएस बनाने का सपना देखते हैं. क्योंकि उनके पास अपने बच्चों को बड़े संस्थानों में एडमिशन के लिए पैसे नहीं हैं. डॉ. अजय ने बताया कि आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी वे धैर्य का परिचय देते हुए आम लोगों से सम्मानजनक व्यवहार करें. उसके बावजूद अधिकारियों के इस प्रकार व्यवहार गंभीर चिंता का विषय है. इसे भी पढ़ें : Chaibasa">https://lagatar.in/chaibasa-late-the-founding-president-of-adivasi-ho-samaj-mahasabha-89th-birth-anniversary-of-sagu-samad/">Chaibasa

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अधिकारियों पर हो रहा है नेताओं का असर

डॉ. अजय ने चुटकी लेते हुए कहा कि हाल के दिनों में जिस प्रकार बीजेपी नेताओं के भाषा में परिवर्तन हुआ है लगता है उसका ही असर अधिकारियों पर भी पड़ने लगा है. आज कुछ युवा जो आईएएस आईपीएस बन रहे हैं, उनकी मानसिकता बदल रही है क्योंकि उनके सामने हमारी केंद्र सरकार का उदाहरण है जो खुलेआम लोगों की जाति पूछ रही है, लोगों का धर्म पूछ रही है, लोगों को गोली मारने की धमकी दे रही है, लोगों से विशिष्ट अल्पसंख्यक समूहों का बहिष्कार करने के लिए कह रही है. लेकिन इंडिया गठबंधन की सरकार में इसको स्वीकार नहीं किया जाएगा. [wpse_comments_template]

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