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तब महलनुमा था मकान
आनंद बिहारी दुबे का कहना है कि जब उन्होंने जमीन खरीदी थी, तब मकान महलनुमा था. रानी मैन के नाम से उस जगह को जाना जाता था. तब जमीन के सामने वाले हिस्से में कई दुकान बने हुये थे और किरायेदार भी रहते थे. सभी को खाली करवाया गया था. इसके बाद पूरी जमीन को हेंडओवर उन्होंने लिया था.मकान तुड़वाने में लगे थे 6-7 माह
कांग्रेस नेता का कहना है कि उन्होंने जमीन लेने के बाद मकान को तुड़वाने का काम 6-7 माह तक किया था. जमीन की चहारदीवारी भी की गयी है. अब छह साल के बाद बेटा 4 कट्ठा जमनी पर अपनी दावेदारी कर रहा है. जमीन पर एक मंदिर भी बना हुआ है. जिस जमीन की वह मांग कर रहा है वह तो सड़क और मंदिर में चला गया है. उसकी जमीन अब है ही नहीं.सीओ ने 20 सितंबर को मानगो पुलिस से मापी के लिये मांगा था फोर्स
पिछले माह ही सीओ ने जमीन का सीमांकन कराने के लिये 20 सितंबर को मानगो थाने में लिखित देकर फोर्स की मांग की थी. इसके बाद 21 सितंबर को मापी होनी थी, लेकिन उस दिन मापी नहीं हुई. इस दौरान यह लिखकर दे दिया गया है कि 2 सितंबर को ही मापी हो गयी है. मामले में आनंद बिहारी दुबे का कहना है कि जमीन उनकी है. मापी करने के पहले जमीन मालिक को नोटिस देनी चाहिये थी. इस मामले में वे 11 अक्तूबर को सीओ से मिलकर अपनी बातों को रखेंगे. अगर सीओ नहीं सुनते हैं तो मामला कोर्ट तक जायेगा.आरोपी पक्ष ने क्या लगाया है आरोप
आरोपी पक्ष जीवन कुमार सिंहदेव का कहना है कि सोमवार को उनकी जमीन की चहारदीवारी आनंद बिहारी दुबे और उनके 50 समर्थकों ने तोड़ दी है. वे लोग कट्ठा और रायफल लेकर पहुंचे हुये थे और पूरे परिवार के सदस्यों को जान से मार देने की धमकी दे रहे हैं. साथ ही कहा कि उनकी जमीन को जबरन खरीदने का काम किया जा रहा है जबकि वे जमीन नहीं बेचना चाहते हैं. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-now-the-needle-of-polices-suspicion-in-ranjit-singhs-murder-is-towards-chhabbe-and-raja/">जमशेदपुर: रंजीत सिंह हत्याकांड में अब पुलिस की शक की सूई छब्बे और राजा की ओर [wpse_comments_template]

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