Jamshedpur (Anand Mishra) : झारखंड में भी फिल्म उद्योग को बढ़ावा मिले. यहां भी राज्य की समृद्ध कला-संस्कृकति व परंपरा पर आधारित फिल्मों का निर्माण हो. यह बात जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने कही. वह मंगलवार को साकची स्थित एक होटल में संवाददाताओं से बात कर रहे थे. यहां वह रांची के सरला बिड़ला यूनिवर्सिटी सभागार में आगामी 23 जून से आयोजित चित्रपट झारखंड फिल्म फेस्टिवल-2023 के पोस्टर विमोचन समारोह में शिरकत कर रहे थे. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यहां प्रतिभाओं को निखारने की दिशा में आगे आये. फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सब्सीडी का प्रावधान करे. जब दक्षिणी भारत, बंगाल, ओड़िशा फिल्म निर्माण के क्षेत्र में आगे हैं, तो झारखंड पीछे क्यों रहे. उन्होंने कहा कि यह फेस्टिवल झारखंड में फिल्म निर्माण की दिशा में यहां की प्रतिभाओं को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा. इसे भी पढ़ें : नोवामुंडी">https://lagatar.in/noamundi-an-industry-is-being-set-up-to-make-firewood-from-dry-leaves-in-nuiya-village/">नोवामुंडी
: नुईया गांव में सूखे पत्ते से जलावन बनाने का लगाया जा रहा उद्योग इससे पूर्व सांसद ने फेस्टिवल के पोस्टर का विमोचन किया. इस दौरान डॉ रागिनी भूषण, डॉ नेहा तिवारी, एनके सिंह व डॉ अपर्णा सिंह उपस्थित थीं. आयोजकों ने बताया कि फेस्टिवल के दौरान प्रतियोगिता के लिए फिल्मों के विभिन्न विषय होंगे. इसमें जनजातीय समाज, झारखंड स्वतंत्रता संग्राम, वोकल फॉर लोकल, झारखंड का इतिहास, ग्राम विकास, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण, सामाजिक सद्भाव, रोजगार सृजन तथा भविष्य का भारत होगा. प्रतियोगिता के विजेताओं के बीच कुल दो लाख रुपये के पुरस्कारों का वितरण किया जायेगा. फेस्टिवल का आयोजन 23 से 25 जून तक किया गया है. कैंपस फिल्मों के लिए पंजीकरण शुल्क 100 रुपये तथा अन्य सभी श्रेणियों के लिए 250 रुपये निर्धारित किया गया है. प्रतिभागी अपनी प्रविष्टियां 15 मई तक जमा कर सकते हैं. [wpse_comments_template]
जमशेदपुर : झारखंड में भी फिल्स उद्योग को बढ़ावा मिले, यहां भी ऑस्कर पाने योग्य फिल्में बनें : सांसद

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