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जमशेदपुर : रेलवे साइडिंग पर रंगदारी के लिये होती रही है फायरिंग

Ashok kumar

Jamshedpur : लोको कॉलोनी के रेलवे यार्ड में मालगाड़ी पर लोडिंग और अनलोडिंग को लेकर रंगदारी रंगदारी के लिये फायरिंग का खेल नया नहीं है. कई दशकों से यहां पर वर्चस्व का को लेकर फायरिंग होती रही है. बर्मामाइंस थाने में गुरुवार को इसी कड़ी में एक और मामला दर्ज कराया गया है. कभी यहां पर आनंद राव, कुमार राव, जोगा राव, टीटू शर्मा और मनोज सरकार का वर्चस्व हुआ करता था. कुमार राव और आनंद राव की मौत हो चुकी है. आनंद राव के बाद जोगा राव ने कमान संभाला था. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-firing-in-burmines-no-casualties/">जमशेदपुर:

बर्मामाइंस में फायरिंग, दहशत

वर्ष 2007 में टीटू शर्मा-मनोज सरकार पर हुआ था एफआइआर

वर्चस्व को लेकर ही बर्मामाइंस छोर पर वर्ष 2007 में टीटू शर्मा और मनोज सरकार के अलावा कई अन्य के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया था. तब पुलिस ने गिरोह के सात आरोपियों को हथियार के साथ गिरफ्तार करके जेल भेजा था. टीटू शर्मा और मनोज सरकार परमजीत गिरोह का सदस्य है. दोनों फिलहाल जमानत के बाद ओड़िशा में छिपे हुये हैं.

अब नया गिरोह बना रहा है वर्चस्व

रेलवे साइडिंग पर अब नया गिरोह अपना वर्चस्व बनाने में जुटा हुआ है. यह पूरा खेल दो थाना क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है. इसमें परसुडीह और बर्मामाइंस शामिल है. बर्मामाइंस की तरफ घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश परसुडीह की तरफ से फरार हो जाते हैं. इसके बाद पुलिस की परेशानी बढ़ जाती है.

सबकुछ जानती है पुलिस

रेलवे साइडिंग पर कई दशकों से चलने वाले वर्चस्व के खेल की जानकारी पुलिस को भी है, लेकिन पुलिस भी घटना के बाद ही सक्रिय होती है. वर्चस्व के खेल में थाने पर भी समय-समय पर रकम पहुंचती है. इस कारण से घटना के बाद मामला पूरी तरह से दब जाता और फिर से खेल शुरू हो जाता है.

आरपीएफ के बूते नहीं है संभाल पाना

रेलवे साइडिंग पर जो खेल चलता है उसकी सुरक्षा और देख-रेख की जिम्मेवारी आरपीएफ को दी गयी है, लेकिन यह सबकुछ संभाल पाना आरपीएफ के बूते नहीं है. मजबूरन बर्मामाइंस और परसुडीह पुलिस को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ता है. रेलवे  की ओर से रेलवे साइडिंग पर लोहा के अलावा पेट्रोल-डिजल, चावल, गेंहूं, दाल, आटा, तेल, गुड़, नमक, कोयला के अलावा अन्य सामानों को रेक पर लोडिंग करने और अनलोडिंग करने का काम किया जाता है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-why-did-netaji-reach-the-police-station-on-the-second-day-a-case-of-theft-of-10-lakh-jewelry-from-the-parlor/">जमशेदपुर:

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