Jamshedpur (Dharmendra Kumar) : सिंहभूम चैंबर के नेतृत्व में बुधवार को परसुडीह कृषि उत्पादन बाजार समिति तथा जिले के अन्य खाद्यान्न व्यवसायी रांची में होने वाली फेडरेशन चैंबर की बैठक में भाग लेने के लिए रवाना हुए. रांची जाने से पूर्व सभी व्यवसायी सिंहभूम चैंबर में एकत्रित हुए और सरकार द्वारा लागू किए जाने वाले बाजार टैक्स के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर व्यापारी एकता का परिचय दिया. उल्लेखनीय है कि आज रांची में फेडरेशन चैंबर ऑफ कॉमर्स की बैठक में राज्यभर के व्यवसायिक संस्था तथा खाद्यान्न व्यवसायी हिस्सा लेंगे. इसे भी पढ़ें :आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-nalsa-established-legal-defense-cell-in-seraikela-civil-court/">आदित्यपुर
: सरायकेला व्यवहार न्यायालय में नालसा ने लीगल डिफेंस सेल की स्थापना की
: डॉ. गोस्वामी के प्रयास से सातवां सामूहिक विवाह अनुष्ठान 27 फरवरी को
: सिंहभूम के जंगलों में रह रहे आदिवासियों पर हो रही हिंसा को रोका जाए : महासभा [wpse_comments_template]
: सरायकेला व्यवहार न्यायालय में नालसा ने लीगल डिफेंस सेल की स्थापना की
खाद्यान्न के आवक को बंद करने का निर्णय ले सकते है व्यापारी
बैठक में झारखेड सरकार द्वारा कृषि बाजार उत्पादन समिति पर दो प्रतिषत बाजार शुल्क लगाये जाने वाले विधेयक को पारित किये जाने के विरोध में आगे आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जायेगी .मौके पर अध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने कहा कि फेडरेशन के बैठक में जो रणनीति बनेगी उसके अनुरूप पुरजोर आंदोलन करते हुये सरकार को विधेयक वापस लेने के लिये बाध्य किया जाएगा. अगर सरकार इसके बाद भी इस काले विधेयक को वापस नहीं लेती है तो व्यापारीगण पूरे राज्यभर में खाद्यान्न के आवक को भी बंद करने का निर्णय ले सकते है.जिसकी सारी जवाबदेही राज्य सरकार की होगी. इसे भी पढ़ें :बहरागोड़ा">https://lagatar.in/bahragoda-the-seventh-mass-marriage-ritual-on-february-27-with-the-efforts-of-dr-goswami/">बहरागोड़ा: डॉ. गोस्वामी के प्रयास से सातवां सामूहिक विवाह अनुष्ठान 27 फरवरी को
पूरे राज्यभर में आंदोलन किया जायेगा
वहीं मानद महासचिव मानव केडिया ने कहा कि सिंहभूम चैंबर हमेशा व्यापारीहित एवं जनहित के साथ खड़ा रहा है. इस विधेयक के लागू होने से व्यापारी ही नहीं आम जनता पर भी इसका सीधा असर होगा. और इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलेगा. बाजार शुल्क के लगाये जाने के उपरांत सीमावर्ती राज्य के थोक विक्रेता झारखंड राज्य में प्रचुर मात्रा में माल बेचेंगे. जिससे कि सरकार को जीएसटी से हो रहे राजस्व की प्राप्ति में भारी क्षति होगी. उपाध्यक्ष, व्यापार एवं वाणिज्य नितेष धूत ने कहा कि इस काले विधेयक को लेकर खाद्यान्न व्यापारियों के बीच काफी रोष उत्पन्न हुआ है. पूर्व में सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों के द्वारा व्यापारियों को आष्वासन दिया गया था कि कृषि बाजार विपणन समिति पर प्रस्तावित दो प्रतिशत मंडी शुल्क को लागू नहीं किया जायेगा. लेकिन दोबारा से लागू कर दिया गया है यह व्यापारियों के साथ ही नहीं आम जनता के साथ भी धोखा है. इसके विरोध के लिये खाद्यान्न व्यवसायियों को एकजुट किया जायेगा और पूरे राज्यभर में आंदोलन किया जायेगा. इसे भी पढ़ें :चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-violence-against-tribals-living-in-singhbhum-forests-should-be-stopped-mahasabha/">चाईबासा: सिंहभूम के जंगलों में रह रहे आदिवासियों पर हो रही हिंसा को रोका जाए : महासभा [wpse_comments_template]
Leave a Comment