: जनता दरबार में बरहेट पहुंचे सीएम, कहा – सुखाड़ प्रभावित किसानों के साथ खड़ी है सरकार
ये थे प्रेसवार्ता में शामिल
सालखन मुर्मू के अलावा सुमित्रा मुर्मू केंद्रीय संयोजक, नरेंद्र हेम्ब्रम, ओड़िशा राज्य अध्यक्ष, रविनारायण सोरेन, भुवनेश्वर जोनल अध्यक्ष, श्रीकांत सोरेन, भुवनेश्वर शहर के अध्यक्ष और सुनाराम मार्डी, उपाध्यक्ष, क्योंझर जोनल कमेटी शामिल थे.सबकुछ प्रभावित होगा
रेल रोड चक्का जाम होने से 5 राज्यों पर अत्यधिक प्रभाव पड़ेगा. झारखंड, बंगाल, बिहार, ओडिशा और असम में जहां लगभग 50 जिलों और 250 ब्लॉकों में सेंगेल सक्रिय है. हम इस आंदोलन में नहीं जाना चाहते हैं यदि भारत सरकार और अन्य सभी संबंधित प्राधिकार अनुच्छेद 25 के तहत भारत के आदिवासियों को मौलिक अधिकार देते हैं.आज दिया गया धरना
इसको लेकर भुवनेश्वर में मंगलवार को पीएमजी के पास महात्मा गांधी रोड पर दोपहर 12 बजे से दोपहर 3 बजे तक शांतिपूर्ण धरना दिया गया. इसमें पांच राज्यों के सेंगेल के प्रतिनिधि शामिल थे. सरना धर्म कोड की मान्यता के लिए 30 सितंबर 2022 को कोलकाता रानी रश्मोनी रोड पर एक और बड़ा धरना कार्यक्रम कर रहे हैं. कोलकाता की रैली बड़े पैमाने पर होने की उम्मीद है. सभी राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से अपील करते हैं कि वे इस मुहिम में आदिवासीयों का समर्थन करें. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/ranchi-policemen-will-be-stationed-in-plain-clothes-to-keep-an-eye-on-the-miscreants-in-durga-puja/">रांची: दुर्गापूजा में मनचलों पर नजर रखने के लिए सादे लिबास में तैनात रहेंगे पुलिसकर्मी [wpse_comments_template]
















































































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