- सरयू राय बुलडोजर चालक, भाजपा वाले वर्कशाॅप भर रहे ईंधन : डॉ. अजय
: वनाधिकार पट्टा के लिए गीता कोड़ा ने किया जनसम्पर्क डॉ. अजय ने कहा कि स्वर्णरेखा नदी के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए सरयू राय द्वारा पिछले कई वर्षों से स्वर्णरेखा नदी तट पर महोत्सव का आयोजन किया जाता है. इस आयोजन से किसका संरक्षण और संवर्द्धन हुआ है और स्वर्णरेखा नदी कितनी प्रदूषण मुक्त हुई है, यह तो सर्वविदित है. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि 30 अगस्त 2023 को केंद्रीय जनजातीय विभाग के तत्कालीन मंत्री अर्जुन मुंडा के मन में अचानक स्वर्णरेखा नदी के प्रति प्रेम कैसे जाग गया और वे सीधे एनजीटी पहुंच गए. डॉ. अजय ने अर्जुन मुंडा से कहा कि उन्हें सार्वजनिक तौर पर यह बताना चाहिए आखिर ऐसा क्या हुआ जिसके कारण उन्हें एनजीटी में शिकायत करनी पड़ी. जबकि रांची के हरमू नदी के नाला में तब्दील होने और हरमू नदी के गायब होने की खबरें ना सिर्फ झारखंड बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बन चुकी है लेकिन हरमू नदी के प्रति उनके दिल में प्रेम पल्लवित नहीं हुआ. अर्जुन मुंडा द्वारा एनजीटी में जो शिकायत की गई है उसमे एक गहरी साजिश की बू आती है. इस पूरे मामले पर पर्दा डालने का काम जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने बखूबी किया है. इस मामले की पूरी जानकारी होने के बावजूद उन्होंने छुपाने और गुमराह करना का काम किया. इसे भी पढ़ें : Chandil">https://lagatar.in/chandil-jbkss-got-the-road-repaired/">Chandil
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राजनीति मेरे लिए जनसेवा का माध्यम है, जीविकोपार्जन का साधन नहीं
विधायक सरयू राय के उनपर झूठ बोलने और बस्तीवासियों को गुमराह कर राजनीतिक रोटी सेंकने का आरोप के संबंध में डॉ. अजय ने कहा कि राजनीति उनके लिए जनसेवा करने का एक माध्यम है, जीविकोपार्जन का साधन नहीं. उन्होंने कहा कि सांसद नहीं था फिर भी लोगों को मदद करता रहा हूं. जमशेदपुर वासियों के दिलों में डॉ. अजय कुमार इसलिए बसते हैं क्योंकि वे उनके सुख दुख में हमेशा खड़े रहते हैं. यही उनकी कमाई है और पूंजी भी है. डॉ. अजय ने कहा कि लांछन तो माता सीता पर भी लगाए गए थे. इसलिए वे घबराते नहीं हैं, सच के साथ डट कर खड़े हैं. इसे भी पढ़ें : Chakradharpur">https://lagatar.in/chakradharpur-two-selected-in-homeless-world-cup-football-competition/">Chakradharpur: होमलेस वर्ल्ड कप फुटबॉल प्रतियोगिता में दो का चयन
अधिकारियों को बताया भाजपा की मानसिकता से ग्रसित
उन्होंने नोटिस भेजे जाने पर सीओ व एलआरडीसी को भी आड़े हाथों लिया. कहां झारखंड के कुछ अधिकारी भाजपा की मानसिकता से ग्रसित हैं. ऐसे अधिकारी सरकार की छवि खराब करने के लिए नोटिस सरीखे कार्य करते हैं. जबकि इन्हीं सरकारी अधिकारियों ने अवैध रूप से बनी बस्तियों में सरकारी सुविधाएं मुहैया करायी हैं. उन्होंने इस मामले की विस्तृत शिकायत मुख्यमंत्री से की है. इसकी जांच कराकर भाजपा मानसिकता वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की. इसे भी पढ़ें : Chandil">https://lagatar.in/chandil-case-registered-against-23-named-and-100-unidentified-people-in-road-jam-case/">Chandil: सड़क जाम मामले में 23 नामजद व 100 अज्ञात पर मामला दर्ज
झारखंड सरकार को कल एनजीटी में अपना पक्ष रखेगी
डॉ. अजय ने कहा कि भुईंयाडीह के कल्याण नगर, इंद्रानगर भुईंयाडीह सहित नदी किनारे बसे लगभग 150 को टूटने नहीं देंगे. उनके वकील एनजीटी में इस मामले पर कड़ी नजर रख हुए हैं. झारखंड सरकार को 2 सितंबर को एनजीटी में अपना पक्ष रखेगी. वहीं कहा कि बस्तीवासियों की ओर से उनके अधिवक्ता और झारखंड के महाधिवक्ता इस मामले पर अपना पक्ष रखेंगे. इसे भी पढ़ें : Chaibasa">https://lagatar.in/chaibasa-villagers-benefited-from-the-camp-in-mahadev-colony/">Chaibasa: महादेव कॉलोनी में शिविर में लाभान्वित हुए ग्रामीण [wpse_comments_template]
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