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वर्ष 2019 में तोड़ा गया था स्कूल भवन
उपायुक्त को सौंपे गए शिकायत में विनय सिंह ने कहा है कि वर्ष 2019 में तत्कालिन मुखिया ने स्कूल की प्राचार्या से बगैर पुछे एक बैठक बुलाकर कंडम घोषित स्कूल के कमरों को तोड़ने का निर्णय ले लिया. मुखिया ने इसके लिए अपनी मर्जी के एक ठेकेदार को बहाल किया तथा छह कमरों को तुड़वा दिया. कमरों को तोड़ने के बाद ईंट, छड़, खिड़की-दरवाजे एवं बेंच-डेस्क अपने कब्जे में ले लिया. बाद में उक्त सामान से स्कूल से सटे सरकारी जमीन पर अपना मकान भी बनवा लिया. स्कूल का भवन तोड़ने से लगभग 45 हजार ईंट निकला था जिसे प्रतिमा मुंडा ने अपने पास रख लिया. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-raids-for-single-use-plastic-in-sakchi-market-banned-goods-found-in-10-shops/">जमशेदपुर:साकची बाजार में एकल यूज़ प्लास्टिक के लिये छापामारी, 10 दुकानों में मिला प्रतिबंधित सामान
विद्यालय प्रबंधन के खाते में नहीं डाली गई राशि
विद्यालय के कंडम घोषित कमरो को तोड़ने का निर्णय 11 अगस्त 2018 को लाभुक समिति की बैठक में लिया गया था. जिसमें यह तय हुआ था कि कमरों को तोड़े जाने के बाद स्कूल की संपति बिक्री के बाद संवेदक द्वारा विद्यालय प्रबंधन के खाते में राशि डाली जाएगी. लेकिन उक्त राशि विद्यालय के खाते में नहीं डाली गई. बैठक में तत्कालिन मुखिया ने कहा था कि स्कूल उनके पंचायत क्षेत्र में स्थित है. इसलिए सारी कार्रवाई वे स्वयं करेंगी. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-strong-presence-of-jharkhand-in-kargil-dras-yatra/">जमशेदपुर: करगिल द्रास यात्रा में झारखंड की दिखी दमदार उपस्थिति [caption id="attachment_349201" align="aligncenter" width="514"]
alt="" width="514" height="407" /> मध्य बागबेड़ा पंचायत की पूर्व मुखिया प्रतिमा मुंडा[/caption]

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