सर कुछ हाथ नहीं लगा है
2018 से शुरू हुआ था धोखाधड़ी का खेल
मामले में कहा गया है कि मई 2018 में अनूप अग्रवाल लाइफ लाइन नर्सिंग होम स्थित ऑफिस में आये थे और कहा था कि मेरा केवाल्का सिक्योरिटीज के नाम से एक फर्म चलता है. फर्म में शेयर की खरीद-बिक्री होती है. इसका मेन कार्यालय काशीडीह चौक आदर्श अब्दुल रहीम कॉम्पलेक्स के ग्राउंड फ्लोर पर है.9 मई को कराया 7 लाख रुपये ट्रांसफर
आरोपी की ओर से 9 मई 2018 को आरटीजीएस के माध्यम से 7 लाख रुपये अनूप अग्रवाल के खाते में ट्रांसफर करवाया गया. 2.62 करोड़ रुपये अनूप अग्रवाल के एसबीआइ काशीडीह ब्रांच से आरटीजीएस के माध्यम से खाते में ट्रांसफर करवाया गया.किसी तरह का नहीं दिया रसीद
दशरथ कावंटिया का कहना है कि जब भी उन्होंने शेयर की रसीद मांगी तब अनूप अग्रवाल टाल-मटोल करते रहे. 29 अप्रैल 2021 को कहा था कि मैंने सारा शेयर बेच दिया है. 10 से 12 करोड़ रुपये निकलेगा. 19 जुलाई को लिखित दिया कि वे रुपये वापस कर देंगे. इस बीच आरोपी ने अबतक सिर्फ 9 लाख रुपये ही वापस किया है.एक करोड़ का चेक कर गया बाउंस
दशरथ कावंटिया ने कहा है कि इस बीच आरोपी की ओर से दो बार में 50-50 लाख रुपये का चेक भी दिया था. चेक को बैंक में डालने पर वह बाउंस कर गया. अब दशरथ कावंटिया को लग रहा है कि एक सुनियोजित तरीके से अनूप अग्रवाल ने धोखा देने की नीयत से 2.62 करोड़ रुपये लेकर विभिन्न फर्जी व्यक्तियों और कंपनियों के नाम से शेयर खदीर कर 10 से 12 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गयी है. चार सालों के बाद अब उन्हें लग रहा है कि उनके साथ धोखाधड़ी की गयी है. इसके बाद मामला साकची थाने तक पहुंचा. इसे भी पढ़ें : राजू">https://lagatar.in/raju-srivastava-regained-consciousness-after-15-days-his-health-is-improving/">राजूश्रीवास्तव को 15 दिन बाद आया होश, तबियत में हो रहा सुधार [wpse_comments_template]

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