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सांस्कृतिक विरासत एवं आजीविका से जोड़ना उद्देश्य
डॉ अशोक अविचल ने अपने सम्बोधन में परिषद द्वारा किए जा रहे इस तरह के प्रयास की प्रशंसा की. मिथिला पेंटिंग का आज विश्व पटल पर पहचान है. इसे सीखकर हम आजीविका का साधन बना सकते हैं. विशिष्ट अतिथि जयचंद्र झा ने परिषद के द्वारा किए जा कार्यों की प्रशंसा की एवं हर सम्भव सहयोग का आश्वासन दिया. मिथिला चित्रकला की प्रशिक्षिका कंचन ने भी सभा को सम्बोधित किया. स्वागत भाषण अध्यक्ष शिशिर कुमार झा और मंच संचालन शिव चंद्र झा ने किया. धन्यवाद ज्ञापन महासचिव सुजीत कुमार झा ने किया. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-jamshedpur-fc-appoints-eddie-boothroyd-as-head-coach/">जमशेदपुर: जमशेदपुर एफसी ने एडी बूथरॉयड को मुख्य कोच किया नियुक्त
कार्यक्रम में ये लोग थे मौजूद
alt="" width="1024" height="387" /> मिथिला सांस्कृति परिषद के महासचिव सुजीत झा ने बताया कि इस प्रशिक्षण का आयोजन बागबेड़ा के कार्यकारिणी सदस्य संयोजक शिवचंद्र झा, सहायक महासचिव रंजीत झा. उपाध्यक्ष अशोक मिश्रा एवं वरिष्ठ सदस्य प्रमोद झा के द्वारा सम्पन्न हो रहा है. उद्घाटन के मौके पर पीएन झा, नवकांत झा, मोहन ठाकुर, अमर कुमार झा, सोमनाथ मिश्रा, सुबोध झा, निलेश झा, गोपाल जी चौधरी, मिथिलेश झा, बिलास झा, राजेश कुमार झा, धर्मेश कुमार झा, राजीव झा, सुरेश झा, अखिलेश मिश्रा, विवेकानंद मिश्रा, दिवकांत लाल दास, दिलीप कुमार झा, कैलाश झा सहित समाज के अन्य लोग उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-mla-mangal-kalindi-inaugurated-public-relations-office-in-barabanki/">जमशेदपुर
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