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जमशेदपुर:  गैंगस्टर अखिलेश सिंह एक जनवरी 2013 को जेल में था बंद, लेकिन हवलदार ने कोर्ट में दी गवाही- उसी दिन बारीडीह में उसे भागते देखा

Jamshedpur (Ashok kumar) : सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में सोमवार को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी नरेंद्र कुमार की अदालत ने हवलदार कादी पासवान की गवाही हुई. अखिलेश सिंह के अधिवक्ता विद्या सिंह ने बताया कि पुलिस लाइन के रहने वाले हवलदार ने कोर्ट में वीसी के जरिए गैंगस्टर अखिलेश सिंह की पहचान की. उन्होंने कहा कि घटना के दिन एक जनवरी 2013 को अखिलेश सिंह को बारीडीह इलाके में भागते हुये देखा था. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-two-sent-to-jail-for-misbehaving-with-police-in-marine-drive/">जमशेदपुर:

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रंगदारी मांगने की मिली थी गुप्त सूचना

घटना के दिन गुप्त सूचना गणेश प्रसाद सिन्हा को मिली थी कि अखिलेश सिंह, जसवीर सिंह और राजेश झा आजसू पार्टी के कार्यक्रम के लिये रंगदारी मांग रहा है. इसके बाद जब वे लिट्टी चौक पर पहुंचे तब पता चला कि वे बारीडीह चौक पर चले गये हैं. इस बीच अखिलेश सिंह और जसवीर सिंह वहां से भाग गये थे, जबकि राजेश झा को खदेड़कर पकड़ लिया गया था.

घटना के दिन जेल में था अखिलेश सिंह

हवलदार ने रंगदारी के मामले में अपनी गवाही में कहा कि अखिलेश सिंह को भागते हुये देखा था, लेकिन सच्चाई यह है कि वह उस दिन घाघीडीह जेल में बंद था. दूसरा आरोपी जसवीर सिंह फिलहाल रांची के होटवार जेल में बंद है. उसपर उपेंद्र सिंह की हत्या का आरोप है. अखिलेश और जसवीर की पेशी वीसी से हुई थी. इसे भी पढ़ें : सीरियल">https://lagatar.in/pankaj-dubey-of-paramjit-gang-emerged-like-a-don-in-serial-crime/">सीरियल

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