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जमशेदपुर : सलगाझरी में निर्माणाधीन शवदाह गृह के पास लगा कचरे का अंबार

Jamshedpur (Dharmendra Kumar) : जेएनएसी द्वारा जहां पूरे शहर में साफ-सफाई को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है. शहर में खुले में कचरा फेंकने वालों एवं सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर दोषियों पर जुर्माना वसूला जा रहा हैं. वहीं शहर से सटे सलगाझरी बामनगोड़ा सफेद पहाड़ी स्थित बोरा प्लांट के पास खुले में मरे मवेशियों समेत पूरे शहर से लाकर कचरा फेंके जाने से भयंकर स्थिति उत्पन्न हो गई. बदबू से राहगीर परेशान हैं. लोग नाक पर रूमाल रखकर वहां से गुजरने को विवश हैं. चूंकि रेलवे फाटक के चलते प्रतिदिन हजारों लोग इस पुलिया के नीचे से पैदल एवं वाहनों से आवागमन करते हैं. जबकि पूरे शहर एवं पंचायत क्षेत्रों से कचरा लाकर यहां खुले में फेंक दिया जाता है. जिससे भयंकर दुर्गन्ध फैला हुआ है. इसे भी पढ़ें :आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-electricity-rate-of-jbvnl-increased-by-six-percent-from-june-1-common-people-loose-their-pockets/">आदित्यपुर

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तीन करोड़ की लागत किया जा रहा शव दाह गृह

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alt="" width="298" height="300" /> इस संबंध में पूर्वी कालीमाटी पंचायत के मुखिया प्रभुराम मुंड़ा ने कहा कि जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) द्वारा उक्त स्थान पर 3 करोड़ की लागत से शवदाह गृह का निर्माण किया जा रहा है. वहीं दूसरी ओर कंपनी एवं आम लोगों द्वारा यहां खुले में कचरा फेंका जा रहा है. रात के अंधेरे में कंपनी द्वारा कचरा यहां डंप किया जा रहा है. वहीं शहर भर एवं पंचायत क्षेत्र का कचरा भी यहां फेंका जा रहा है. आस-पास के क्षेत्र में स्थित पोल्ट्री फार्म का कचरा भी खुले में फेंके जाने से भयंकर स्थिति उत्पन्न हो गई. उन्होंने कहा कि स्थानीय बोरा फैक्ट्री में सीसीटीवी लगाकर तथा निगरानी रखकर खुले में कचरा फेंकने पर रोक लगाया जा सकता है. मुंडा ने कहा कि जेएनएसी को इस संबंध में सूचित किया गया है लेकिन अब तक जेएनएसी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है. इसे भी पढ़ें :जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-police-sent-18-people-caught-gambling-to-jail/">जमशेदपुर

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कचरा डंप के खिलाफ 1998 में किया गया था आंदोलन

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alt="" width="213" height="300" /> राम सिंह मुंडा.[/caption] वहीं संयुक्त ग्राम समन्वय समिति के अध्यक्ष राम सिंह मुंडा ने कहा कि यह भूमि वर्षों से आदिवासी मूलवासी के शमशान भूमि के रूप में चिन्हित है. उन्होंने कहा कि 1998 में यहां कचरा डंप करने के खिलाफ आंदोलन किया गया था. कचरा फेंकने वालों को भगाया गया था. वर्तमान में उक्त भूमि पर शवदाह गृह का निर्माण कराया जा रहा है. वहीं दूसरी ओर कंपनी के ठेकेदारों द्वारा रात के अंधेरे द्वारा यहां कचरा डंप किया जा रहा है. कुछ लोगों द्वारा पैसे लेकर मरे हुए मवेशी सहित अन्य कचरा फेंके जा रहे हैं. इस संबंध में जेएनएसी के विशेष पदाधिकारी को लिखित ज्ञापन दिया गया. तब जेएनएसी द्वारा जल्द ही उक्त स्थल की घेराबंदी करने का आश्वासन दिया गया था. टाटा स्टील द्वारा कहा गया था कि जेएनएसी द्वारा घेराबंदी नहीं किए जाने पर टाटा स्टील द्वारा घेराबंदी कराई जाएगी. लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. मुंडा ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो इसको लेकर उग्र आंदोलन किया जाएगा. इस संबंध में जेएनएसी के विशेष पदाधिकारी संजय कुमार ने कहा इसकी जानकारी नहीं है. उन्होंने जांच करवाने की बात कही. इसे भी पढ़ें :चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-buses-are-not-running-on-the-second-day-of-closure-shops-are-open-passengers-upset/">चाईबासा

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