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दोधारी तलवार पर खड़े हैं व्यापारी – मुनका
[caption id="attachment_610140" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="400" /> विजय आनंद मुनका.[/caption] सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष विजय आनंद मूनका का कहना है कि झारखंड में व्यापारी दोधारी तलवार पर खड़े हैं. इस विधेयक को निरस्त करने के लिए अगर व्यापारी सरकार पर दबाव बनाते हैं तो कहीं सरकार पर इसका उल्टा असर ना हो जाए और यदि व्यापारी चुप रहते हैं तो सरकार द्वारा इस विधेयक को कभी भी लागु करने का डर बना रहता है. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इस विधेयक को लेकर व्यापारियों को आश्वस्त किया गया है कि व्यापारियों से बातचीत के बाद ही व्यापारियों के हित को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाएगी. एक सवाल के जवाब में मूनका ने कहा कि फिलहाल सरकार के आश्वासन पर भरोसा तो करना ही पड़ेगा लेकिन जब तक यह विधेयक निरस्त नहीं हो जाता तब तक इस विधेयक के लागू होने की संभावना से इंकार भी नहीं किया जा सकता. इसे भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-take-full-care-of-women-prisoners-and-their-children-in-jail-chief-district-judge/">धनबाद
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मंडी टैक्स से संबंधित विधेयक निरस्त करे सरकार – दीपक
[caption id="attachment_610141" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="400" /> दीपक भालोटिया.[/caption] जमशेदपुर व्यापार मंडल के अध्यक्ष दीपक भालोटिया ने स्पष्ट कहा कि व्यापारियों की एक ही मांग शुरू से रही है कि मंडी टैक्स से संबंधित विधेयक को निरस्त किया जाए. व्यापारियों के लगातार विरोध के बाद सरकार द्वारा व्यापारियों को आश्वासन दिया गया कि व्यापारी हित को ध्यान में रखते हुए ही निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि व्यापारियों का मानना है कि मंडी टैक्स से व्यापार प्रभावित होगा, महंगाई बढ़ेगी. इसलिए राज्य में किसी भी परिस्थिति में मंडी टैक्स को लागू नहीं किया जाना चाहिए. ऐसे में जब सरकार ने व्यापारियों को आश्वासन दिया है तो सरकार को इस विधेयक को निरस्त कर देना चाहिए ताकि व्यापारियों के मन में इस विधेयक को लेकर जो भय बना हुआ है उसका निवारण हो सके. इसे भी पढ़ें : चाकुलिया">https://lagatar.in/chakulia-a-herd-of-elephants-reached-rajabasa-forest-by-creating-disturbance-in-kaliyam-panchayat/">चाकुलिया
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मंडी टैक्स को लेकर सशंकित है व्यापारी वर्ग – अनिल मोदी
[caption id="attachment_610143" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="400" /> अनिल मोदी.[/caption] सिंहभूम चैंबर के सचिव अनिल मोदी का कहना है कि झारखंड कृषि उत्पादन राज्य नहीं है. यहां ज्यादातर खाद्यान्नों का दूसरे राज्यों से आयात करना पड़ता है. राज्य में ज्यादातर व्यापार ट्रेडिंग पर आधारित है. मंडी अथवा बाजार शुल्क लगने से महंगाई का बढ़ना स्वाभाविक है. ऐसे में तमाम विरोध के बावजूद राज्य सरकार द्वारा झारखंड राज्य कृषि उपज एवं पशुधन विपणन 2022 विधेयक को पारित करना ही गलत था. झारखंड में खाद्यान्न व्यापारियों के तमाम विरोध के बावजूद प्रदेश में झारखंड राज्य कृषि उपज एवं पशुधन विपणन 2022 विधेयक पारित हो गया है. व्यापारियों के कड़े विरोध के कारण सरकार ने फिलहाल इसे शिथिल कर दिया है. परंतु प्रदेश का व्यापारी वर्ग अभी भी सशंकित है. व्यापारियों को लगता है कि कभी भी इस विधेयक के प्रावधानों को लागू किया जा सकता है. इससे पुनः इंस्पेक्टर राज की वापसी होगी और व्यापार करना दूभर हो जाएगा. व्यापारी वर्ग सरकार से इसे निरस्त करने की मांग करता है. सरकार को चाहिए कि इस विधेयक को निरस्त कर प्रदेश के व्यापारी वर्ग को इस विधेयक से डर से मुक्ति दिलाए. [wpse_comments_template]

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