Search

 
 
 

जमशेदपुर : राज्यपाल ने एनएमएल के एक सप्ताह एक प्रयोगशाला कार्यक्रम का किया शुभारंभ

 
Jamshedpur (Dharmendra Kumar) : सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल) एक सप्ताह एक प्रयोगशाला कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने किया. समारोह में राज्यपाल ने सीएसआईआर-एनएमएल को "कौशल भारत", "मेक-इन-इंडिया", स्वच्छ भारत, आत्मनिर्भर भारत और अन्य जैसे सरकारी मिशनों के साथ संरेखित करने के प्रयासों के लिए बधाई दी. उन्होंने महिला प्रौद्योगिकी पार्क, अपशिष्ट से धन (ई-अपशिष्ट पुनर्चक्रण) के लिए शहरी अयस्क पुनर्चक्रण केंद्र, लिथियम धातु निष्कर्षण और अन्य रेयर अर्थ निष्कर्षण जैसी प्रयोगशाला की पहल की सराहना की. उनके अनुसार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की समस्याओं को हल करने में अनुसंधान की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है और अनुसंधान एवं विकास के परिणाम उद्योगों की समस्याओं को हल करते हैं. राज्यापल ने स्पष्ट रूप से ऊर्जा केंद्रित अनुसंधान पर जोर दिया, क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक वाहन भविष्य के लिए हैं. उन्होंने कहा कि हालांकि झारखंड में पीने योग्य पानी का प्रतिशत 6% से 36% तक अनुसंधान एवं विकास और सरकार के प्रयासों के कारण बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने झारखंड के जल स्रोतों से आर्सेनिक हटाने और पानी के प्रदूषण को दूर करने के क्षेत्र में प्रयोगशाला के प्रयासों की सराहना की. इसे भी पढ़ें : चाकुलिया">https://lagatar.in/chakulia-46-girl-students-corona-positive-in-kasturba-gandhi-girls-residential-school/">चाकुलिया

: कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में 46 छात्राएं कोरोना पॉजिटिव
इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान और सुरक्षा घोषणाओं के साथ हुई. निदेशक सीएसआईआर-एनएमएल ने उद्योगों के लाभ के लिए अयस्क सज्जीकरण और समग्र मिश्र धातु के विकास के उद्देश्य से झारखंड के खनिज समृद्ध राज्य में प्रयोगशाला की स्थापना के बारे में जानकारी दी. उन्होंने विभिन्न युगों में सीएसआईआर-एनएमएल की वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों के बारे में भी बताया. वहीं डॉ. एन. कलैसेल्वी, सचिव, डीएसआईआर और महानिदेशक, सीएसआईआर ने भारत के विभिन्न स्थानों में सीएसआईआर प्रयोगशालाओं की स्थापना के कारण और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के उत्थान के लिए देश, औद्योगिक और सामाजिक प्रयोज्यता दोनों के लिए उनके योगदान के बारे में बताया. उनके अनुसार सीएसआईआर समस्या क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है जो न केवल वर्तमान समय में प्रासंगिक हैं, बल्कि आने वाले भविष्य के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन, स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकास, अपशिष्ट से धन विकास और ईवी बैटरी अनुसंधान में भी प्रासंगिक होंगे. इसे भी पढ़ें : गृहयुद्ध">https://lagatar.in/operation-kaveri-to-bring-indians-stranded-in-civil-war-ravaged-sudan-to-safety/">गृहयुद्ध

से जूझ रहे अफ्रीकी देश सूडान में फंसे भारतीयों को सुरक्षित लाने के लिए ऑपरेशन कावेरी
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सीएसआईआर-एनएमएल खनन, सज्जीकरण और मिश्र धातु के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है और जो न केवल झारखंड के खनिज समृद्ध राज्य बल्कि पूरे देश के लिए भी प्रासंगिक है. जमशेदपुर में सीएसआईआर-एनएमएल का एक सप्ताह एक प्रयोगशाला कार्यक्रम जैसे जिज्ञासा (शिक्षक-छात्र संवाद कार्यक्रम), शिल्पकार मेला (कारीगरों की बैठक), वैज्ञानिक तथा तकनीकी प्रदर्शनी, भविष्यवादी विचारों और तकनीकी कार्यशालाओं पर प्रदर्शनी, अकादमिक बैठक, प्रौद्योगिकी हैकाथन और पोस्टर प्रस्तुति विभिन्न आयोजनों के लिए छात्रों, एमएसएमई, उद्योगों और आम जनता सहित सभी के लिए खुला रहेगा. समारोह में शोध एवं विकास पर केन्द्रित और उपलब्धियों पर एक कैप्सूल वीडियो भी प्रदर्शित किया गया.वहीं अतिथियों द्वारा प्रयोगशाला के पूरे एक सप्ताह एक प्रयोगशाला कार्यक्रम पर एक स्मारिका का विमोचन भी किया गया. निदेशक सीएसआईआर-एनएमएल ने राज्यपाल को एक स्मृति चिन्ह भेंट किया.डॉ. संजय कुमार, मुख्य वैज्ञानिक, सीएसआईआर-एनएमएल ने धन्यवाद ज्ञापन किया. इस अवसर पर डॉ. एन. कलैसेल्वी, सचिव, डीएसआईआर और महानिदेशक, सीएसआईआर, डॉ. अवनीश कुमार श्रीवास्तव, निदेशक, सीएसआईआर-एनएमएल और डॉ. संजय कुमार, मुख्य वैज्ञानिक, सीएसआईआर-एनएमएल उपस्थित थे. [wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही