- गुरदयाल सिंह की अंतिम अरदास में शामिल हुए कोल्हान के कई गणमान्य
Jamshedpur (Ratan Singh) : साकची गुरुद्वारा साहिब में 40 वर्षों तक कीर्तन गायन की निष्काम करने वाले दिवंगत गुरदयाल सिंह के लिए पंथ सेवा रत्न सम्मान स्वीकार करते वक़्त पुत्र गुरदीप सिंह पप्पू अपने आंसुओं पर काबू नहीं पा सके. नम आंखों से गुरदीप सिंह पप्पू ने अपने पिता स्वर्गीय गुरदयाल सिंह के लिए विशिष्ट सम्मान साकची गुरुद्वारा साहिब के प्रधान निशान सिंह के हाथों से ग्रहण कर सर माथे पर लगाते हुए गर्व से स्वीकार किया. बुधवार को साकची गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) दिवंगत सरदार गुरदयाल सिंह को मरणोपरांत पंथ सेवा सम्मान से नवाजा. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-do-not-commit-violence-in-the-name-of-witch-avoid-superstition-it-is-a-crime-rajiv/">चाईबासा: डायन के नाम हिंसा न करें, अंधविश्वास से बचें, यह अपराध है: राजीव
शॉल ओढ़ाकर स्मारिका भेंट की
इस सम्मान की घोषणा करते हुए साकची गुरुद्वारा के प्रधान सरदार निशान सिंह ने गुरदयाल सिंह को गुरुघर का सच्चा सेवक करार दिया. गुरदीप सिंह पप्पू ने सम्मान प्राप्त करने के बाद कहा कि उन्हें अपने पिता पर गर्व है, जिन्होंने अपने जीते जी सिख समाज और गुरुघर की खूब सेवा की. सम्मानस्वरूप उन्हें शॉल ओढ़ाकर स्मारिका भेंट की गई. साकची के प्रधान निशान सिंह ने कहा कि दिवंगत गुरदयाल सिंह ने गुरुद्वारा साहिब साकची में पिछले 40 वर्षों से निष्काम सेवा निभाई है और वे इस सम्मान के हकदार हैं. सीजीपीसी के प्रधान सरदार भगवान सिंह और चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह ने गुरदयाल सिंह को कौम का रत्न बताया और कहा उनके द्वारा की गयी सेवा आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करेगी. साकची गुरुद्वारा में उनकी अंतिम अरदास पर जमशेदपुर के कई गणमान्य व्यक्तियों ने उपस्थित होकर संवेदना प्रकट की. इसे भी पढ़ें : घाटशिला">https://lagatar.in/ghatshila-op-in-charge-rohit-kumar-distributed-blankets/">घाटशिला: ओपी प्रभारी रोहित कुमार ने किया कंबल का वितरण
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