Jamshedpur : जमशेदपुर इन दिनों भीषण गर्मी और जानलेवा लू की चपेट में है. लगातार बढ़ते तापमान के कारण शहर के अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और लू से प्रभावित मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है. हालात को देखते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है.
इस बीच एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही भी सामने आई है. जिला स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को रोजाना लू और हीट स्ट्रोक के मरीजों की रिपोर्ट भेजना अनिवार्य किया था. लेकिन आरोप है कि कई बड़े अस्पताल इस आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं और आंकड़े समय पर उपलब्ध नहीं करा रहे हैं.
जानकारी के अनुसार जिले में केवल टाटा मेन हॉस्पिटल और कुछ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ही नियमित रूप से रिपोर्ट भेज रहे हैं. वहीं, सरकारी और निजी दोनों स्तर पर कई प्रमुख अस्पतालों के खिलाफ लापरवाही के आरोप लग रहे हैं.
इनमें एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, टाटा मोटर्स अस्पताल, मर्सी अस्पताल, गुरुनानक अस्पताल, साकेत अस्पताल और लाइफ लाइन अस्पताल जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं.
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सही और समय पर डेटा नहीं मिलने से राज्य सर्विलांस सिस्टम को जिले की वास्तविक स्थिति का आकलन करने में परेशानी हो रही है. इससे आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य तैयारियों पर भी असर पड़ सकता है.
सिविल सर्जन ने इस मामले को गंभीर बताते हुए सभी डिफाल्टर अस्पतालों को दोबारा पत्र भेजकर चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि लू और हीट स्ट्रोक के मामलों की निगरानी बेहद जरूरी है और यह सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की बुनियादी जरूरत है. उन्होंने साफ कहा कि आदेश का पालन नहीं करने वाले अस्पतालों पर क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट और संबंधित प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी.
भीषण गर्मी के कारण शहर के हालात भी प्रभावित हैं. दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखा जा रहा है और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं. डॉक्टरों ने लोगों को पर्याप्त पानी पीने, ओआरएस का उपयोग करने और अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न निकलने की सलाह दी है.
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