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जमशेदपुर: झारखंड में 73 प्रतिशत की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं- भोजपुरिया बेयार

Jamshedpur(Sunil Pandey): झारखंड में 1932 के खतियान को स्‍थानीयता नीति के लिये लागू किए जाने के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए भोजपुरिया बेयार की बैठक बर्मामाइंस में रमेश कुमार की अध्यक्षता में हुई. बैठक में उपस्थित लोगों ने 1932  के खतियान को स्थानीयता का आधार बनाने संबंधित विधेयक के गठन को मंजूरी दिए जाने पर प्रतिक्रिया स्वरूप हेमंत सरकार के प्रति निंदा प्रस्ताव लाया. सभी ने हेमंत सरकार के इस पहल को राज्य में वैमनस्य बढ़ाने वाला तथा भाईचारे में दरार पैदा करने वाला कदम बताया. इसे भी पढ़ें: भारत">https://lagatar.in/for-the-success-of-bharat-jodo-yatra-jharkhand-congress-appointed-in-charges-in-all-the-five-divisions/">भारत

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राज्य में सभी के हितों की रक्षा होनी चाहिए: रमेश कुमार

बैठक को संबोधित करते अध्यक्ष रमेश कुमार ने कहा कि राज्य में सभी के हितों की रक्षा होनी चाहिए. 73 प्रतिशत लोगों के मान सम्मान के साथ यदि भेदभाव बरता गया तो झारखंड से भी अलग राज्य का नारा बुलंद होगा. उन्होंने कहा कि राज्य को लूटने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती है.

राज्य बंटवारे की शर्तों का किया जा रहा उल्लंघन : दीपक कुमार

भोजपुरिया बेयार के प्रवक्ता दीपक कुमार ने कहा कि झारखंड में नागरिकता की नई परिभाषा गढ़ने की कोशिश की जा रही है. कानून की आंख में धूल झोंकने की चाल चली जा रही है. राज्य का बंटवारा जनसंख्या अनुपात तथा सवा तीन करोड़ की आबादी को ध्यान में रखकर यहां के साधन, संसाधन की समीक्षा के उपरांत हुआ था. फिर यह चाल क्यों चली जा रही है?

वोट की ताकत सत्ता में बैठे लोगों को नहीं भूलनी चाहिए: प्रवक्‍ता

उन्‍होंने कहा कि आज राज्य में एक परिवार सत्ता पर बैठकर राज्य को खोखला कर रहा है. क्या राज्यवासियों को समझ नहीं आ रहा है. राज्य स्थापना के दो दशक बाद भी आदिवासी माताओं,  भाइयों व बहनों के जीवन स्तर में कोई बदलाव नहीं आया है तो इसके लिये आखिर कौन जिम्मेदार है ? यह सभी को समझ आ रहा है. लोकतंत्र में वोट की ताकत सत्ता में बैठे लोगों को नहीं भूलनी चाहिए.

डोमिसाइल नहीं दोहराएं हेमंत: श्रीवास्तव

बैठक में अपने विचार रखते हुए सतीश श्रीवास्तव ने कहा कि झारखंड में हाल की घटित घटनाओं ने गैर आदिवासियों को एकजुट होने पर मजबूर कर दिया है. उन्होंने झारखंड में डोमिसाइल को लेकर पूर्व में घटित घटनाओं पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि एक गलत कदम की पूर्ववर्ती सरकार अंजाम देख चुकी है. यमुना तिवारी ने कहा कि वोट की राजनीति को ध्यान में रखकर स्थानीयता को परिभाषित करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है. वहीं सीएल तिवारी ने कहा कि सरकार को सीएनटी, 1932, राज्य में आदिवासियों की दशा आदि पर सोच विचार करने के साथ-साथ बड़ी आबादी के भावनाओं को भी नजर अंदाज नहीं करना चाहिए. वरना सरकार मुश्किल में पड़ जाएगी.

बैठक में ये लोग थे मौजूद

बैठक को रविन्द्र प्रताप सिंह, परशुराम शर्मा , भरत महराज , दिनेश शर्मा ने भी संबोधित किया. मौके पर राकेश कुमार चौधरी, चिंटु कुमार सिंह, डॉ. उदय प्रताप हयात, जीतेंद्र तिवारी, संजय पाठक, विनय गिरि, राकेश सिंह, कृष्ण कांत मिश्र, अशोक गुप्ता, दीपक कुमार, रमेश कुमार, सीएल तिवारी, भरत महराज, दिनेश शर्मा, यमुना तिवारी व्यथित, रविन्द्र प्रताप सिंह, परशुराम शर्मा, सतीश श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें: भाजपा">https://lagatar.in/captain-amarinder-singh-met-bjp-president-will-join-bjp-in-the-evening-will-also-merge-party/">भाजपा

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