बढ़ोतरी से कृषि बाजार समितियों में बढ़ेगा भ्रष्टाचार और इंस्पेक्टर राज- FJCCI
मूनका ने दिया चरणबद्ध आंदोलन का सुझाव
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्य के व्यापारियों द्वारा, जहां बाजार समिति शुल्क नहीं है, झारखंड में कृषि उत्पाद की सप्लाई की जाएगी. इससे जहां झारखंड सरकार को जीएसटी राजस्व का नुकसान होगा वहीं महंगाई बढ़ेगी. उन्होंने चरणबद्ध आंदोलन का सुझाव दिया. जिसमें उपायुक्त के यहां धरना प्रदर्शन, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम पर ज्ञापन देना और 30 दिन के अंदर राज्य सरकार द्वारा विधेयक वापस नहीं लिए जाने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल और आवक बंद करने जैसी स्थिति पर विचार करने का सुझाव दिया. सम्मेलन में आए सभी जिलों के व्यापारी प्रतिनिधियों ने एक स्वर में इस सुझाव का स्वागत किया.विधेयक वापस नहीं लेने तक काला पट्टी लगाकर व्यापार करेंगे
[caption id="attachment_291919" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="301" /> झारखंड चैंबर द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में उपस्थित सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्य.[/caption] सभा को व्यापार मंडल के अध्यक्ष दीपक भलोटिया, सिंहभूम चैंबर के उपाध्यक्ष ट्रेड एंड कामर्स नितेश धूत, उपाध्यक्ष पीआरडब्ल्यू मुकेश मित्तल ने भी संबोधित किया. सम्मेलन में निर्णय लिया गया कि जब तक सरकार द्वारा विधेयक वापस नहीं लिया जाता तब तक व्यापारी काला पट्टी लगाकर व्यापार करते रहेंगे. प्रतिनिधि मंडल में महेश सोंथालिया, रामू देबुका, पवन नरेडी, विजय अग्रवाल रामूका, रौनक सचदेव, सिल्की सचदेव, विवेक अग्रवाल, भीमसेन जोशी, संतोष नागेलिया, राजेश अग्रवाल, राकेश शर्मा, विनोद शर्मा, मोनू अग्रवाल, दीनानाथ गुप्ता, संजय, मुकेश, दिनेश अग्रवाल आदि शामिल थे. इसे भी पढ़ें: जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-jharkhand-government-itself-insecure-what-will-it-protect-people-kapil-mishra/">जमशेदपुर:
झारखंड सरकार खुद असुरक्षित, लोगों की क्या सुरक्षा करेगी- कपिल मिश्रा [wpse_comments_template]

Leave a Comment