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जमशेदपुर : डकैतों के अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा, मुख्य सरगना समेत नौ गिरफ्तार

Jamshedpur (Rohit Kumar) : जमशेदपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने डकैतों के अंतरराज्यीय गिरोह के मुख्य सरगना समेत नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया है. इनमें चोरी का सामान खरीदने वाले तीन सोनार भाई भी शामिल है. गिरफ्तार अभियुक्तों में गिरोह का मुख्य सरगना मुसाबनी के बदिया निवासी रहीम खान उर्फ बड़कू, पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम का रहने वाला शेख नसीम उर्फ सोना, सरायकेला निवासी चंदू मुखी, पोटका निवासी अभिषेक डे उर्फ मिथुन, दीपांकर सेन उर्फ शेरा समेत चोरी के गहने खरीदने वाला सोनार सिदगोड़ा निवासी मनीष प्रसाद, अरुण नामता और राजा नामता शामिल है. आरोपियों की निशानदेही में पुलिस ने एक पिस्टल, दो देसी कट्टा, 26 गोली, एक चाकू, 78 ग्राम गलाया सोना, लूट के गहने, 2,15,500 नकद के अलावा अन्य सामान बरामद किए है. इनकी गिरफ्तारी से एक साथ कुल 15 मामलों का उद्भेदन हुआ है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-youth-dies-in-road-accident-in-sonari/">जमशेदपुर

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झारखंड, बंगाल और ओडिशा में देते थे घटना को अंजाम

[caption id="attachment_585110" align="aligncenter" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/03/arrest-dakit-2.jpeg"

alt="" width="600" height="400" /> डकैत गिरोह के पास से बरामद सामान[/caption] एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि मुख्य सरगना रहीम खान के खिलाफ झारखंड, बंगाल और ओडिशा के कई थानों में हत्या, आर्म्स एक्ट और लूट जैसे कुल 19 मामले दर्ज है. इनकी गिरफ्तारी से कुल 15 मामलों का खुलासा हुआ है. एसएसपी ने बताया कि चार माह पूर्व ही इन आरोपियों द्वारा घाटशिला और उसके बाद पोटका में लूट की घटना को अंजाम दिया गया हा. उन्होंने बताया कि मुसाबनी के बदिया में छवि पुष्टि के घर 14 मार्च को डकैती की गई थी. इस मामले में पुलिस ने अनुसंधान करते हुए सबसे पहले आरोपी रहीम खान को पकड़ा. उसकी निशानदेही पर ही पुलिस ने अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी की. इसे भी पढ़ें : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-stay-away-from-any-kind-of-rumor-during-the-festival/">चांडिल

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झारखंड और अन्य राज्यों में देते थे घटना को अंजाम

एसएसपी ने बताया कि दीपांकर सेन उर्फ शेरा द्वारा घटनास्थल की रेकी की जाती थी फिर प्लान बनाकर अन्य लोग घटना को अंजाम देते थे. लूट के सामानों को मनोज प्रसाद को बेचा जाता था. मनोज उसे गलाकर अन्य दो लोगों को बेच देता था. इनसे जो रुपए आते थे उसे सभी आपस में बांट लिया करते थे. [wpse_comments_template]

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