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शुल्क में वृद्धि छात्रों पर अतिरिक्त बोझ – पायल रानी मंडल
[caption id="attachment_515617" align="aligncenter" width="169"]alt="" width="169" height="300" /> पायल रानी मंडल.[/caption] जैक द्वारा प्रमाणपत्रों के सत्यापन शुल्क में की गई वृद्धि से कहीं ना कहीं विद्यार्थियों पर ही बोझ बढ़ेगा. एक तरफ सरकार सबको निशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की बात करती है. वहीं दूसरी ओर जैक द्वारा अपने ही प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए प्रति परीक्षा 200 रुपये का शुल्क निर्धारित करने संबंधित अधिसूचना जारी किया जाता है.जो समझ से परे है. विद्यार्थी मेहनत से परीक्षा पास करते है.कहीं नौकरी के लिए आवेदन करते है. तो उसे पहले अपने प्रमाणपत्रों का सत्यापन बोर्ड से कराना पड़ता है. ऐसे में बोर्ड द्वारा प्रमाणपत्र के सत्यापन के लिए शुल्क में वृद्धि करने से विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ेगी. इसे भी पढ़ें :जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-chief-sitting-on-dharna-to-protect-the-allotted-land-from-encroachment-for-construction-of-panchayat-building/">जमशेदपुर
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जैक कर रहा है शिक्षा का बाजारीकरण - जवेरिया नूर
[caption id="attachment_515622" align="aligncenter" width="252"]alt="" width="252" height="300" /> जवेरिया नूर.[/caption] झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा प्रमाणपत्रों के सत्यापन की शुल्क में की गई अप्रत्याशित वृद्धि विद्यार्थियों के साथ अन्याय है. जैक द्वारा लिया गया यह निर्णय शिक्षा के व्यवसायीकरण को बढ़ावा देने वाला है. जैक का उद्देश्य शिक्षा का प्रसार करने से ज्यादा पैसा उगाही बन गया है. प्रमाणपत्रों के सत्यापन शुल्क में अनावश्यक रुप से की गई वृद्धि से विद्यार्थियों की परेशानी बढ़नी स्वाभाविक है. बोर्ड को अपने निर्णय पर विचार करने की आवश्यकता है. इसे भी पढ़ें :जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-chief-sitting-on-dharna-to-protect-the-allotted-land-from-encroachment-for-construction-of-panchayat-building/">जमशेदपुर
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जैक की नीति छात्रों की बढ़ाएगी परेशानी - अफसाना परवीन
[caption id="attachment_515619" align="aligncenter" width="248"]alt="" width="248" height="300" /> अफसाना परवीन.[/caption] झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा प्रमाणपत्रों के सत्यापन शुल्क में की गई वृद्धि से छात्रों की परेशानी बढ़ेगी. महत्वपूर्न सवाल यह है कि अचानक ऐसा क्या हो गया की बोर्ड को अपने ही प्रमाणपत्रों के सत्यापन शुल्क में वृद्धि करना पड़ी. वर्तमान समय में जब सबकुछ डिजीटल हो रहा है. प्रमाणपत्रों के वेरिफिकेशन की प्रक्रिया आसान होने के बजाए और जटील होता जा रहा है. जैक द्वारा शुल्क में की गई वृद्धि इस बात को प्रमाणित करती है. इसे भी पढ़ें :धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-emotional-farewell-given-to-15-retired-employees-of-bccl-kusunda-area/">धनबाद:
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