Jamshedpur (Dharmendra Kumar) : नई शिक्षा नीति लागू होने के साथ ही विश्वविद्यालय में पीएचडी में नामांकन के नियम में परिवर्तन किए जाएंगे. इस नियम के तहत पीएचडी की 40 प्रतिशत सीटें केयू के छात्रों के लिए आरक्षित रहेंगी. वहीं, शेष 60 प्रतिशत सीटों पर नेट क्वालीफाई करने वाले विद्यार्थियों को मौका मिलेगा. पीएचडी में दाखिले के लिए होने वाले बदलाव इसी सत्र से कोल्हान विश्वविद्यालय में भी लागू किए जाने की तैयारी है. इसके लिए यूजीसी की ओर से रेगुलेशन तय की गई है. इसे भी पढ़े : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/lagatar-jamshedpur-woman-bitten-by-snake-while-grazing-goat-condition-critical/">जमशेदपुर:
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नए नियमावली में कोर्स की अवधि न्यूनतम दो व अधिकतम छह वर्ष तय की गई
उल्लेखनीय है कि यूजीसी ने हाल ही में पीएचडी में प्रवेश के लिए नई शिक्षा नीति के अनुसार नियमावली जारी की है. नए नियमावली के अनुसार पीएचडी कोर्स की अवधि न्यूनतम दो वर्ष और अधिकतम छह वर्ष तय की गई है. यूजीसी के अनुसार पीएचडी में 60 फीसद सीटों पर प्रवेश राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) के आधार पर होंगे और बाकी 40 फीसद सीटों पर प्रवेश विश्वविद्यालय अपने स्तर पर कर सकेंगे. नई शिक्षा नीति के तहत यह भी प्रावधान है कि यदि सीटें खाली रह जाती है तो विश्वविद्यालय मेरिट के आधार पर किसी भी कैटेगरी के अभ्यर्थियों को अवसर दे सकते है. इसे भी पढ़े : महाराष्ट्र">https://lagatar.in/political-crisis-continues-in-maharashtra-sanjay-raut-is-ready-to-fight-on-the-road-to-save-the-government-after-meet-sharad-pawar-the-tone-has-changed/">महाराष्ट्रमें राजनीतिक संकट जारी, सरकार बचाने संजय राउत सड़क पर भी लड़ने को तैयार, शरद पवार से मिले, तो सुर बदल गये [wpse_comments_template]
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