Jamshedpur (Dharmendra Kumar) : कोरोना महामारी ने विद्यार्थियों को भी हाईटेक बना दिया
है. मोती लाल नेहरु पब्लिक स्कूल
(एमएनपीएस) के विद्यार्थियों की जानकारी एक
क्यूआर कोड से
मिलेगी. ये
क्यूआर कोड शिक्षकों ने नहीं बल्कि विद्यार्थियों ने तैयार की
है. एमएनपीएस के हाईटेक ग्रुप में कुल 106 विद्यार्थी
हैं. इसमें कक्षा तीन से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थी शामिल
हैं. जिन्होंने
क्यूआर कोड का निर्माण किया
है. इस कोड से हाईटेक ग्रुप के सभी विद्यार्थियों की जानकारी प्राप्त हो
सकेगी. हर आपदा एक अवसर प्रदान करता
है. उसी तरह कोरोना ने भी लोगों को कई अवसर प्रदान
किये. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-district-telecom-committee-gave-noc-of-three-out-of-35-applications-for-installation-of-mobile-towers/">जमशेदपुर
: जिला दूरसंचार समिति ने मोबाइल टावर लगाने के 35 आवेदनों में तीन की एनओसी दी शिक्षिकाओं ने बच्चों को बनाया हाईटेक
इस संबंध में
एमएनपीएस की
प्रचार्य आशु तिवारी ने कहा कि
कोविड के दौरान स्कूल की शिक्षिकाओं ने बच्चों को जिस तरह हाईटेक बनाया है, वह सराहनीय
है. कई स्कूल बच्चों का सेशन लेने के लिए संपर्क कर रहे हैं जो गर्व की बात
है. उन्होंने बताया कि पढ़ाई से लेकर परीक्षा दो साल तक डिजिटल तरीके से
हुई. ऑनलाइन पढ़ना और पढ़ाना शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए एक विकल्प के तौर पर चुना
गया. कोविड महामारी और बंदी के दौरान स्कूल के शिक्षक सहित विद्यार्थी भी हाईटेक हो
गए. इस विकल्प को विद्यार्थियों ने एक अवसर मान कर नई शुरुआत
की. नए-नए रास्ते ढूंढ
निकाले. इस स्कूल के हाईटेक ग्रुप में हाईटेक मैगजीन का निर्माण
किया. जिसमें स्कूल की हर गतिविधियों की जानकारी
मिलेगी. रोल नंबर बदलते ही मिलेगी विद्यार्थियों की एकेडमिक डिटेल्स
एकेडमिक जानकारी से लेकर उनकी उपलब्धि तक की जानकारी इस मैगजीन के माध्यम से
मिलेगी. हाईटेक ग्रुप के विद्यार्थियों ने शिक्षकों के साथ मिलकर ऑटोमेटेड ई-रिपोर्ट कार्ड, ई-अटेंडेंस शीट
बनाई. पूरे दो साल
कोविड काल में इसी का प्रयोग किया
गया. सिर्फ रोल नंबर बदलते ही विद्यार्थियों की एकेडमिक डिटेल्स का पता चल
जाएगा. उन्होंने बताया कि स्कूल की शिक्षिका बिंदु आहूजा ने इस ग्रुप को
बनाया. एंड्रॉयड फोन में लेता है बहुत कम स्पेस
इस ग्रुप के विद्यार्थियों ने गूगल डाटा स्टूडियो डिजिटल लाइब्रेरी
बनाई. जो
एंड्रॉयड फोन में बहुत ही कम स्पेस लेती
है. सभी चीजें ड्राइव में सेव हो जाती
हैं. इस डिजिटल लाइब्रेरी में बहुत सी जानकारी उपलब्ध
है. इस ग्रुप की संस्थापक सदस्य बिंदु आहूजा ने पूरे पठन-पाठन की कार्यशैली लेसन प्लानिंग, रिकॉर्ड कीपिंग इत्यादि को ई-प्लानिंग में तब्दील करने में योगदान
दिया. इसकी सराहना स्कूल
प्रंबधन के साथ टाटा स्टील द्वारा आयोजित बेस्ट प्रैक्टिस सेशन में की
गई. [wpse_comments_template]
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