Jamshedpur (Dharmendra Kumar) : एलबीएसएम कॉलेज के हिन्दी विभाग की ओर से सोमवार को प्रसिद्ध कवयित्री, संस्मरणकार और रेखाचित्रकार महादेवी वर्मा के स्मृति दिवस पर उनको याद किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. पुरुषोत्तम प्रसाद ने की तथा संचालन हिन्दी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुधीर कुमार ने किया. इस अवसर पर प्रो. पुरुषोत्तम प्रसाद ने कहा कि हिन्दी साहित्य के इतिहास में महादेवी वर्मा का महत्वपूर्ण स्थान है. वे छायावादी काव्य का प्रमुख स्तंभ तो हैं ही, उनका गद्य भी काफी प्रभावशाली है. उनकी कविता में व्यक्तिगत जीवन की पीड़ा और दुख को अभिव्यक्ति मिली है. यह दुख उन्हें समाज से दूर नहीं ले जाता, बल्कि व्यापक करुणा के रूप में सबके दुखों से जुड़ जाता है. हिन्दी साहित्य के विद्यार्थियों को महादेवी के साहित्य का गहरा अध्ययन करना चाहिए. वहीं संचालन करते हुए डॉ. सुधीर कुमार ने कहा कि महादेवी वर्मा को "आधुनिक मीरा`` कहा गया है. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/cpims-demonstration-in-front-of-ranchi-dc-office-on-wednesday-brinda-karat-will-also-participate/">रांची
डीसी कार्यालय के समक्ष बुधवार को माकपा का प्रदर्शन, बृंदा करात भी शामिल होंगी मीराबाई के बाद वे दूसरी रचनाकार हैं जिनके साहित्य में भारतीय स्त्री चेतना को सशक्त अभिव्यक्ति मिली है. उनके साथ उनकी सहेली सुभद्राकुमारी चौहान की भी हिन्दी साहित्य में स्त्री-लेखन को प्रोत्साहित करने में उल्लेखनीय भूमिका रही. भारतीय स्त्रीवाद को समझने के लिए महादेवी को जरूर पढ़ना चाहिए. कार्यक्रम में सुमन मंडल, तिलकेश कुमार गोप, संध्या कुमारी, सोमबारी सिंह, निशा झा, राहुल साहू, शिवानी सोरेन और पार्वती मांझी ने महादेवी की कविताओं का पाठ कियाय धन्यवाद ज्ञापन अर्जुन हेम्ब्रम ने किया. कार्यक्रम में डॉ. कुमारी रानी, डॉ. नुपूर राय, सलोनी रंजने, प्रो. मोहन साहू की भी उपस्थिति रही।इस अवसर पर अनिता बिरुवा, सरिता मुंडा, लक्ष्मी मुर्मू, आभारानी सिंह, पूजा प्रधान, चंपा भगत, सागर मंडल, लक्ष्मी सोय, वर्षा पुराण, अनुज पूर्ति, दुर्गा हंसदा, राहुल सरदार उपस्थित थे. [wpse_comments_template]
जमशेदपुर : एलबीएसएम कॉलेज में महादेवी वर्मा को किया गया याद
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