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बेलपत्र में अखंड लक्ष्मी का होता है वास
alt="" width="1280" height="853" /> महाराज जी ने आगे कहा कि श्री शिवपुराण सत्संग से मनुष्य पापों से मुक्त होकर परमगति को प्राप्त कर सकता है. भगवान शिव को बेलपत्र और रूद्राक्ष अत्यंत प्रिय हैं. बेलपत्र में अखंड लक्ष्मी का वास होता है. अगर धन होगा तो धर्म की ध्वजा धर्म की अविरल धारा होगी. भगवान शिव को बेलपत्र चढ़ाने और रुद्राक्ष धारण करने से मनुष्य को कई लाभ मिलते हैं. रुद्राक्ष मानसिक तनाव से मुक्ति देता है. यह शरीर, मन और आत्मा के लाभ के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होता है. इसे भी पढ़ें : जमुई">https://lagatar.in/jamui-firing-between-two-parties-due-to-old-enmity-youth-shot-condition-critical/">जमुई
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शिव की आराधना में बेलपत्र का विशेष महत्व
alt="" width="600" height="400" /> महाराज जी ने बताया कि भगवान शिव की आराधना में बेल पत्र यानि बिल्व पत्रों को विशेष महत्व है. आस्था के साथ शिवलिंग पर सिर्फ बिल्व पत्र ही अर्पित किये जाएं तब भी भगवान भोले अपने भक्त की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं. बिल्व पत्र के वृक्ष को श्री वृक्ष और शिवद्रुम भी कहते हैं. बेलपत्र के तीनों पत्ते त्रिनेत्र स्वरूप भगवान शिव के तीनों नेत्रों को विशेष प्रिय हैं. सातों दिन की कथा का मुख्य प्रसंग रहा कि महादेव को बिल्वपत्र अर्पित करें, ताकि भगवान शंकर प्रसन्न हों और भक्तों के सभी कार्य सिद्ध हों. सात दिनों तक चले शिवकथा महोत्सव ज्ञान यज्ञ में रोजाना काफी संख्या में श्रद्धालु जुटे. सातों दिन मुख्य यजमान किरण-उमा शंकर शर्मा सहित समस्त शर्मा परिवार थे. हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भंडारा (प्रसाद) ग्रहण किया. इसे भी पढ़ें : हजारीबाग">https://lagatar.in/hazaribagh-triloki-born-blind-started-seeing-the-world-after-27-years-happiness-knows-no-bounds/">हजारीबाग
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alt="" width="600" height="400" /> इनका रहा योगदान : सात दिवसीय शिवकथा महोत्सव को सफल बनाने में प्रमुख रूप से उमाशंकर शर्मा, कृपाशंकर शर्मा, रामाशंकर शर्मा, गिरजाशंकर शर्मा, कृष्णा शर्मा उर्फ काली शर्मा, संतोष शर्मा, विश्वनाथ शर्मा, रामानन्द शर्मा, रवीन्द्र कुमार, अनिल कुमार, चंदन कुमार समेत शर्मा परिवार के सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा. कई गणमान्य हुए शामिल : समापन के दिन रविवार को विभिन्न राजनीतिक एंव सामाजिक संगठन के क्रमशः स्वास्थय मंत्री बन्ना गुप्ता, सुधा गुप्ता, दिनेशानंद गोस्वामी, बुधराम मुंडा, शकुन्तला मुंडा, लता शरत, नीरू सिंह, शंभु शेखर, रूप शेखर, व्रजभूषण सिंह, प्रभात शर्मा, जितेन्द्र चावला, राघवेन्द्र शर्मा, अरुण बकेरवाल, राजकुमार श्रीवास्तव, राजकुमार सिंह, विनोद सिंह, मिथलेश यादव, डॉ संजय गिरी, बबुआ सिंह, धर्मेंद्र प्रसाद सहित सैकड़ों गणमान्य लोागें ने श्री शिव दरबार में हाजरी लगायी और कथा का आनन्द लिया। साथ ही स्वामी वृजनंदन शास्त्री से आर्शीवाद लिया और झारखंड के विकास की प्रार्थना की। [wpse_comments_template]
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