: सीपीआई का वार्षिक सम्मेलन संपन्न, विभिन्न मुद्दों पर हुई चर्चा
जनकल्याण के लिए कार्य करना ही सबसे बड़ा धर्म है
[caption id="attachment_615237" align="aligncenter" width="613"]alt="" width="613" height="409" /> बैडमिंटन खेलते फादर व अन्य.[/caption] मौके पर फादर पायस फर्नांडिस ने कहा कि नदियों, तालाबों, झीलों और झरनों के अलग-अलग नाम हैं लेकिन इन सभी में पानी है. धर्मों के अलग-अलग नाम हैं लेकिन उन सभी में सच्चाई समाहित है. मानव सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है. जनकल्याण के लिए कार्य करना ही सबसे बड़ा धर्म है. इस सामूहिक प्रार्थना कक्ष के निर्माण के लिए फादर ने पूर्व छात्र संघ के समर्थन और मदद पर प्रकाश डाला. विशेष रूप से संतोष सिंह संधू और उनके बेटे के संबंध में उन्होंने आर्किटेक्ट शशिकला और कंस्ट्रक्टर फिरोज के साथ-साथ उनके कर्मचारियों की कड़ी मेहनत की भी सराहना की जिन्होंने इस दिन को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत की. प्राचार्य फादर विनोद ने धन्यवाद ज्ञापन किया. [wpse_comments_template]

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