Jamshedpur (Dharmendra Kumar) : लोयोला स्कूल में शुक्रवार को फादर पायस फर्नांडिस का सामूहिक प्रार्थना कक्ष का सपना साकार हुआ. शुक्रवार को लोयोला स्कूल में नवनिर्मित सामूहिक प्रार्थना कक्ष एवं बैडमिंटन कोर्ट का उद्घाटन फादर पायस फर्नांडिस एवं अन्य फादर द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया. इसके बाद प्रार्थना गीत हुआ. इस अवसर पर विभिन्न धर्मों के पवित्र शास्त्रों को पढ़कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई गई. पहले पवित्र बाइबिल के बाद पवित्र कुरान, उसके बाद भागवत गीता का एक श्लोक, फिर गुरु ग्रंथ साहिब और जेंड-अवेस्ता के साथ समापन हुआ. इसे भी पढ़ें : बहरागोड़ा">https://lagatar.in/bahragora-cpis-annual-convention-concluded-various-issues-discussed/">बहरागोड़ा
: सीपीआई का वार्षिक सम्मेलन संपन्न, विभिन्न मुद्दों पर हुई चर्चा
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alt="" width="613" height="409" /> बैडमिंटन खेलते फादर व अन्य.[/caption] मौके पर फादर पायस फर्नांडिस ने कहा कि नदियों, तालाबों, झीलों और झरनों के अलग-अलग नाम हैं लेकिन इन सभी में पानी है. धर्मों के अलग-अलग नाम हैं लेकिन उन सभी में सच्चाई समाहित है. मानव सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है. जनकल्याण के लिए कार्य करना ही सबसे बड़ा धर्म है. इस सामूहिक प्रार्थना कक्ष के निर्माण के लिए फादर ने पूर्व छात्र संघ के समर्थन और मदद पर प्रकाश डाला. विशेष रूप से संतोष सिंह संधू और उनके बेटे के संबंध में उन्होंने आर्किटेक्ट शशिकला और कंस्ट्रक्टर फिरोज के साथ-साथ उनके कर्मचारियों की कड़ी मेहनत की भी सराहना की जिन्होंने इस दिन को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत की. प्राचार्य फादर विनोद ने धन्यवाद ज्ञापन किया. [wpse_comments_template]
: सीपीआई का वार्षिक सम्मेलन संपन्न, विभिन्न मुद्दों पर हुई चर्चा
जनकल्याण के लिए कार्य करना ही सबसे बड़ा धर्म है
[caption id="attachment_615237" align="aligncenter" width="613"]alt="" width="613" height="409" /> बैडमिंटन खेलते फादर व अन्य.[/caption] मौके पर फादर पायस फर्नांडिस ने कहा कि नदियों, तालाबों, झीलों और झरनों के अलग-अलग नाम हैं लेकिन इन सभी में पानी है. धर्मों के अलग-अलग नाम हैं लेकिन उन सभी में सच्चाई समाहित है. मानव सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है. जनकल्याण के लिए कार्य करना ही सबसे बड़ा धर्म है. इस सामूहिक प्रार्थना कक्ष के निर्माण के लिए फादर ने पूर्व छात्र संघ के समर्थन और मदद पर प्रकाश डाला. विशेष रूप से संतोष सिंह संधू और उनके बेटे के संबंध में उन्होंने आर्किटेक्ट शशिकला और कंस्ट्रक्टर फिरोज के साथ-साथ उनके कर्मचारियों की कड़ी मेहनत की भी सराहना की जिन्होंने इस दिन को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत की. प्राचार्य फादर विनोद ने धन्यवाद ज्ञापन किया. [wpse_comments_template]
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