- कहा, सरकार संसद में अडानी मामले में चर्चा से क्यों बचना चाहती है
: सीपीएस के विद्यार्थियों ने आयकर विभाग का किया शैक्षणिक भ्रमण उल्लेखनीय है कि लगभग 18 महीने बाद एक बार फिर हिंडनबर्ग नामक जिन्न ने अपने रिपोर्टस् में आरोप लगाया है कि सेबी की अध्यक्ष माधवी बुच और उनके पति के पास कथित अडानी धन हेराफेरी घोटाले में इस्तेमाल किए गए अस्पष्ट ऑफशोर फंड में हिस्सेदारी थी. शॉर्ट-सेलर ने (मामले से पर्दा उठाने वाले) “व्हिसलब्लोअर दस्तावेजों” का हवाला देते हुए कहा, “सेबी की वर्तमान प्रमुख माधवी बुच और उनके पति के पास अदाणी धन हेराफेरी घोटाले में इस्तेमाल किए गए दोनों अस्पष्ट ऑफशोर फंड में हिस्सेदारी थी.” कथित तौर पर समूह के चेयरमैन गौतम अडानी के बड़े भाई विनोद अडानी अस्पष्ट ऑफशोर बरमूडा और मॉरीशस फंडों को नियंत्रित करते थे. हिंडनबर्ग का आरोप है कि इन फंड का इस्तेमाल धन की हेराफेरी करने और समूह के शेयरों की कीमत बढ़ाने के लिए किया गया था. इसे भी पढ़ें : Chaibasa">https://lagatar.in/chaibasa-protest-at-jantar-mantar-in-delhi-on-14th-september/">Chaibasa
: 14 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन डॉ. अजय ने कहा कि अडानी समूह द्वारा किए गए कथित घोटाले पर भ्रष्टाचार और घोटालों पर सार्वजनिक मंच पर बड़ी बड़ी बात करने वाले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बोलती बंद क्यों हो जाती है ? प्रधानमंत्री को देश की जनता को बताना चाहिए की वो अडानी को क्यों बचाना चाहते है ? उनके बीच क्या संबंध है ? उन्होंने कहा कि ‘‘संसद को 12 अगस्त की शाम तक कार्यवाही के लिए अधिसूचित किया गया था. अचानक नौ अगस्त की दोपहर को ही इसे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने के मायने क्या है ? सरकार बहस से क्यों बचना चाहती है ? मोदी सरकार को जवाब देना पड़ेगा. इसे भी पढ़ें : Kiriburu">https://lagatar.in/kiriburu-crowd-gathered-in-temples-on-the-fourth-monday-of-sawan/">Kiriburu
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