Jamshedpur (Sunil Pandey) : मोहरदा जलापूर्ति योजना बंद होने के कगार पर पहुंच गई है. इसका कारण स्वर्णरेखा नदी में पर्याप्त पानी का नहीं होना है. उक्त योजना के नियमित संचालन के लिए विधायक सरयू राय अनवरत प्रयासरत हैं. उनके प्रयास से योजना के दूसरे फेज का काम प्रगति पर है. लेकिन योजना के तहत नियमित जलापूर्ति के लिए नदी में पर्याप्त पानी का रहना जरूरी है. मानव हित से जुड़ी इस परियोजना के संचालन के लिए विधायक सरयू राय ने चांडिल डैम से अतिरिक्त जल छोड़ने की मांग की. इस संबंध में उन्होंने जल संसाधन विभाग के सचिव से दूरभाष पर बात की. साथ ही पत्र भेजकर पूरे मामले से अवगत कराया. विधायक सरयू राय ने बताया कि वे दो माह से राज्य सरकार, स्वर्णरेखा परियोजना, ज़िला प्रशासन और जेएनएसी का ध्यान आकृष्ट कर रहे हैं. लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मानसून आने तक चांडिल डैम से पर्यावरणीय प्रवाह के अतिरिक्त कम-से-कम 50 हज़ार क्युसेक्स जल प्रवाह होने से मोहरदा पेयजल परियोजना का सुचारू रूप से संचालित हो सकता है. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-23-strike-to-increase-all-types-of-pension-amount-purendra/">आदित्यपुर
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: काले बादल छाने से घाटशिला में दिन में ही दिखा रात जैसा नजारा अगर पर्याप्त जल प्रवाह नहीं हुआ तो परियोजना का संचालन ठप्प हो सकती है. विधायक ने बताया कि किसी भी जल भंडार में संचित जल पर पहला अधिकार पीने के लिए पानी का है। इसके बाद जल परिवहन एवं सिंचाई का और तब उद्योग के लिए जल उपयोग की है. उन्होंने विभागीय सचिव से आग्रह किया कि वे मुख्य अभियंता चांडिल को डैम से पानी छोड़ने का निर्देश दें. जिससे मोहरदा जलापूर्ति योजना का नियमित संचालन हो सके. पत्र की प्रतिलिपि मुख्य सचिव, उपायुक्त एवं जेएनएसी के विशेष पदाधिकारी को भी भेजी है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-people-pleaded-for-water-and-cleanliness-in-the-deputy-commissioners-public-court/">जमशेदपुर
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बजट सत्र में उठाया था मामला
विधायक सरयू राय ने कहा कि बीते बजट सत्र में उन्होंने इस मामले को उठाया था. सरकार ने आश्वस्त किया था कि स्वच्छ पेयजल के लिए प्रत्येक 15 दिन पर मोहरदा पेयजल परियोजना के समीप के क्षेत्रों की सफाई स्वर्णरेखा परियोजना द्वारा कराई जाएगी. ताकि जल उपलब्धता अवरुद्ध नहीं हो. लेकिन अफ़सोस है कि ऐसा नहीं हो रहा है जिसके कारण मोहरदा पेयजल परियोजना के बंद होने का खतरा उत्पन्न हो गया है. संचालन करने वाली एजेंसी (टीएसयूआइएसएल) के अधिकारियों ने उन्हें बताया कि जलापूर्ति के लिए बने वीयर में जल प्रवाह कम होने के कारण सप्लाई में बाधा उत्पन्न हो रही है. इसे भी पढ़ें : घाटशिला">https://lagatar.in/ghatshila-night-like-view-seen-in-day-time-in-ghatshila-due-to-dark-clouds/">घाटशिला: काले बादल छाने से घाटशिला में दिन में ही दिखा रात जैसा नजारा अगर पर्याप्त जल प्रवाह नहीं हुआ तो परियोजना का संचालन ठप्प हो सकती है. विधायक ने बताया कि किसी भी जल भंडार में संचित जल पर पहला अधिकार पीने के लिए पानी का है। इसके बाद जल परिवहन एवं सिंचाई का और तब उद्योग के लिए जल उपयोग की है. उन्होंने विभागीय सचिव से आग्रह किया कि वे मुख्य अभियंता चांडिल को डैम से पानी छोड़ने का निर्देश दें. जिससे मोहरदा जलापूर्ति योजना का नियमित संचालन हो सके. पत्र की प्रतिलिपि मुख्य सचिव, उपायुक्त एवं जेएनएसी के विशेष पदाधिकारी को भी भेजी है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-people-pleaded-for-water-and-cleanliness-in-the-deputy-commissioners-public-court/">जमशेदपुर
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