Jamshedpur (Sunil Pandey) : झारखंड में एक बार फिर मानसून कमजोर पड़ गया. इसके कारण कोल्हान समेत अन्य जिलों के लोगों को अभी 30 जून तक तपिश व उमस का सामना करना पड़ेगा. कमजोर पड़ने के चलते मानसून चाईबासा, पाकुड़ और साहिबगंज के रास्ते बिहार की ओर बढ़ रहा है. वहीं, बुधवार को जमशेदपुर और आसपास के इलाके में अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी के कारण दिनभर उमस भरी गर्मी से लोग परेशान रहे. मौसम विभाग रांची केंद्र के पूर्वानुमान पदाधिकारी डॉ. अभिषेक आनंद ने बताया कि दक्षिणी-पश्चिमी मानसून झारखंड की उत्तरी सीमा चाईबासा, पाकुड़, साहिबगंज से होते हुए बिहार की ओर जा रहा है. इसके कारण झारखंड के जिन क्षेत्रों में मानसून नहीं पहुंचा है, वहां 30 जून तक पहुंचने की संभावना है. तीन से चार दिन में दक्षिणी-पश्चिमी मानसून के और आगे बढ़ने की संभावना है. वहीं, दूसरी ओर एक पूर्वी-पश्चिमी ट्रफ उत्तर पश्चिमी राजस्थान से मणिपुर की ओर बढ़ रहा है. यह ट्रफ दक्षिणी उत्तर प्रदेश और झारखंड को पार कर रहा है. दूसरी ओर 30 जून से मानसून में वृद्धि की संभावना व्यक्त करते हुए डॉ. आनंद ने बताया कि इस दौरान कुछ जिलों में हल्की बारिश की संभावना है. वहीं 01 से 26 जून तक झारखंड में वास्तविक वर्षापात 51.7 मिलीमीटर, सामान्य वर्षापात 149.8 मिलीमीटर और विचलन-66 फीसदी दर्ज की गई है. बुधवार को सरायकेला का तापमान 40.1 डिग्री रहा. वहीं, जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 38.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया. इसे भी पढ़ें : Ghatshila">https://lagatar.in/ghatshila-state-national-interest-drug-abuse-stop-dinesh-bawri/">Ghatshila
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alt="" width="600" height="400" /> दीपक कुमार जिला कृषि पदाधिकारी[/caption] जिला कृषि पदाधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि कोल्हान में मौसम विभाग का आंकलन (पूर्वानुमान) इस बार फेल हो गया है. इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है. अपने आंकलन एवं मौसम विभाग की भविष्यवाणी पर किसान कृषि कार्य प्रारंभ करते हैं. तीसरी बार विभाग की भविष्यवाणी फेल हुई है. पहले बताया गया कि 16 जून तक मानसून आ जाएगा. फिर 21-22 जून बताया गया. लेकिन उस अनुपात में वर्षा नहीं हुई. उन्होंने कहा कि वर्षा नहीं होने से जिले के किसान बर्बाद हो जाएंगे. अभी खेतों में लगा धान का बिचड़ा सूखने लगा है. विलंब से वर्षा होने पर खेती कार्य भी प्रभावित होगी. यहां के किसान कम पानी में पैदा होने वाली फसलें यथा मूंगफली, अरहर, मूंग, मड़ुआ, ज्वार, बाजरा की खेती नहीं करते हैं. हालांकि विभाग इसके बारे में निरंतर जागरूक करता है. [wpse_comments_template]
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सूखने लगा धान का बिचड़ा : निताई चंद्र गोराई
बोड़ाम के लावजोड़ा गांव के युवा किसान निताई चंद्र गोराई ने बताया कि वर्षा नहीं होने के कारण सब्जियों के साथ-साथ धान के बिचड़े सूख रहे हैं. क्षेत्र में सिंचाई का पर्याप्त साधन नहीं होने के कारण लोग वर्षा जल पर निर्भर रहते हैं. ऐसे में वर्षा नहीं होने से फसलें सूख रही हैं. इसे भी पढ़ें : Ghatshila">https://lagatar.in/ghatshila-state-national-interest-drug-abuse-stop-dinesh-bawri/">Ghatshila: राज्य व देश हित में नशा का सेवन बंद करें : दिनेश बाउरी
बिचड़ा बचाना मुश्किल : राजेश गोराई
पटमदा के युवा किसान राजेश गोराई ने बताया कि प्राकृतिक वर्षा नहीं होने के कारण खेतों में लगा धान का बिचड़ा सूख रहा है. उसे बचाना काफी मुश्किल हो गया है. संपन्न लोग घर के बोरिंग या अन्य साधन से बिचड़ा पटा रहे हैं, लेकिन साधन विहीन किसानों पर प्राकृतिक आफत आ गई है. इसे भी पढ़ें : Chandil">https://lagatar.in/chandil-camp-drunkenness-inspired/">Chandil: शिविर लगाकर नशापान से दूर रहने के लिए किया प्रेरित
मौसम विभाग का आंकलन फेल : कृषि पदाधिकारी
[caption id="attachment_905285" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="400" /> दीपक कुमार जिला कृषि पदाधिकारी[/caption] जिला कृषि पदाधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि कोल्हान में मौसम विभाग का आंकलन (पूर्वानुमान) इस बार फेल हो गया है. इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है. अपने आंकलन एवं मौसम विभाग की भविष्यवाणी पर किसान कृषि कार्य प्रारंभ करते हैं. तीसरी बार विभाग की भविष्यवाणी फेल हुई है. पहले बताया गया कि 16 जून तक मानसून आ जाएगा. फिर 21-22 जून बताया गया. लेकिन उस अनुपात में वर्षा नहीं हुई. उन्होंने कहा कि वर्षा नहीं होने से जिले के किसान बर्बाद हो जाएंगे. अभी खेतों में लगा धान का बिचड़ा सूखने लगा है. विलंब से वर्षा होने पर खेती कार्य भी प्रभावित होगी. यहां के किसान कम पानी में पैदा होने वाली फसलें यथा मूंगफली, अरहर, मूंग, मड़ुआ, ज्वार, बाजरा की खेती नहीं करते हैं. हालांकि विभाग इसके बारे में निरंतर जागरूक करता है. [wpse_comments_template]
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