Jamshedpur ( Mujtaba Haider Rizvi) : बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना में अब 63 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होंगे. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना का सर्वे करने के बाद जो प्रस्ताव विभाग को भेजा था उसका मूल्यांकन चल रहा है. कहा जा रहा है कि बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना पर 63 करोड़ रुपए से अधिक खर्च होंगे. मूल्यांकन के बाद मुख्य अभियंता प्रस्ताव को हरी झंडी देने के बाद डीपीआर तैयार कराएंगे. बताते हैं कि इस काम में कई महीने लग सकते हैं, क्योंकि अंतिम डीपीआर तब बनेगा जब सरकार टेंडर के लिए सामग्रियों का रेट जारी कर देगी. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सूत्रों का कहना है कि अभी जो प्रस्ताव जमशेदपुर से गया है उसका मूल्यांकन करने के बाद डीपीआर का फौरी खाका तैयार कर लिया जाएगा और सरकार जैसे ही नए रेट जारी करेगी. वैसे ही गुणा भाग करने के बाद डीपीआर तैयार कर लिया जाएगा.
इसे भी पढ़ें : सरायकेला">https://lagatar.in/seraikela-sdo-reviewed-the-bright-india-bright-future-energy-program-2047/">सरायकेला
: “उज्ज्वल भारत, उज्ज्वल भविष्य ऊर्जा कार्यक्रम 2047” की एसडीओ ने की समीक्षा बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना में बाकी है 30% से अधिक काम
बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना में अभी 30% से अधिक काम बाकी है. लेकिन विभागीय सूत्रों का कहना है कि जो 70% काम हुआ है, उसकी गुणवत्ता इतनी खराब है कि सारे ढांचे ध्वस्त होते जा रहे हैं. फिल्टर प्लांट की बिल्डिंग जर्जर हो गई है. इसका जीर्णोद्धार करना होगा. इसके अलावा बागबेड़ा के बड़ौदा घाट में नदी में बनाया एक पिलर बह गया है. उसको दोबारा बनाना होगा। इस तरह अधिकारियों और ठेकेदार की लापरवाही के चलते बागबेड़ा जलापूर्ति योजना की लागत कई गुना बढ़ गई है. पहले इस योजना पर 90 करोड़ रुपए खर्च होने थे. वह रकम खर्च होने के बाद भी योजना पूरी नहीं हो सकी.
इसे भी पढ़ें : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-sdm-came-in-favor-of-circle-officer-said-viral-video-is-false/">चांडिल
: अंचलाधिकारी के पक्ष में आए एसडीएम, कहा – वायरल वीडियो झूठा साल 2023 में पानी का विभाग का है दावा
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना को साल 2023 तक पूरा करने का वादा किया है. यह वादा विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से किया है. लेकिन बागबेड़ा महानगर विकास समिति के सुबोध झा का कहना है कि विभाग इस बार भी अपने वादे पर खरा नहीं उतर सकेगा, क्योंकि अभी तक टेंडर जारी नहीं किया गया है. उनकी मांग है कि विभाग जल्द टेंडर जारी करे. [wpse_comments_template]
Leave a Comment