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जमशेदपुर : गृह मंत्री से मिलकर सांसद विद्युत वरण महतो ने विशेष केंद्रीय सहायता शुरु करने की मांग की

Jamshedpur (Sunil Pandey) : जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित साह से मुलाकात की. इस दौरान उन्हें दो सूत्री मांग पत्र सौंपकर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया. सौंपे गए मांग पत्र में पूर्वी सिंहभूम जिले की बंद केंद्रीय सहायता पुनः शुरु करने तथा दंडक्षत्र (माझी) एवं माल जाति को अनुसूचित जाति की श्रेणी में शामिल करने की मांग की. सांसद श्री महतो ने केंद्रीय गृह मंत्री को बताया कि पूर्वी सिंहभूम जिला एक उग्रवाद प्रभावित जिला रहा है. हालांकि अब उनकी गतिविधियों में कुछ कमी आई है. जिसके कारण जिले को मिल रही विशेष केंद्रीय सहायता बंद कर दी गई है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-the-policeman-who-sexually-assaulted-the-girl-was-acquitted-from-the-court/">जमशेदपुर:

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नक्सल प्रभावित क्षेत्र मुख्यधारा से है दूर

सांसद ने गृह मंत्री को बताया कि लंबे समय से उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र होने के कारण जिले का पटमदा, झांटीझरना, डुमरिया,गुड़ाबांधा जैसा क्षेत्र विकास के मुख्य धारा से काफी दूर हैं. यहां के लोगों को अस्पताल, कॉलेज और शिक्षा संस्थानों  के साथ-साथ जिला मुख्यालय तक पहुंचने में अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अब भी उन क्षेत्रों में छिटपुट नक्सली गतिविधि जारी है. उन्होंने अपने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि विशेष केंद्रीय सहायता(SCA) केंद्र सरकार की एक सराहनीय पहल है और पूर्वी सिंहभूम जिला के लिए यह अपरिहार्य है. यदि इसे पुनः चालू किया जाएगा तो क्षेत्र का समुचित विकास होगा एवं आम जनता को इसका लाभ मिलेगा. साथ ही साथ यह उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र मुख्यधारा में जुड़ सकेगा. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-accused-of-misusing-account-opening-acquitted/">जमशेदपुर:

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माल एवं मांझी जाति को एससी में शामिल करने की मांग

गृह मंत्री से मुलाकात के दौरान सांसद ने उनसे कहा कि पूर्वी सिंहभूम जिले के दंडक्षत्र (माझी) एवं माल जाति के लोग लंबे समय से अनुसूचित जाति की श्रेणी में शामिल करने की मांग कर रहे हैं. इस संबंध में भारत सरकार के महानिबंधक ने भी अपना रिपोर्ट केंद्र सरकार को समर्पित कर दिया है. इस जाति के लोग पश्चिम बंगाल एवं उड़ीसा में अनुसूचित जाति की श्रेणी में आते हैं जबकि झारखंड में यह लोग सामान्य जाति की श्रेणी में आते हैं. उनका रहन-सहन एवं जीवन स्तर अत्यंत निम्न स्तर का है. इन्हें समाज के मुख्यधारा में लाने के लिए अनुसूचित जाति की श्रेणी में शामिल करना अत्यंत आवश्यक है.केंद्रीय मंत्री ने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को समुचित दिशा निर्देश जारी करने का आश्वासन दिया. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-jeba-khan-became-the-co-ordinator-of-the-all-india-unorganized-workers-employees-congress-punjab/">जमशेदपुर

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