रेजीमेंट में पहली बार पांच महिला अफसर शामिल, चलायेंगी तोप और रॉकेट
alt="" width="600" height="338" /> इससे पूर्व समारोह पूर्वक करियर जंक्शन का उद्घाटन हुआ. इसके मुख्य अतिथि कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ गंगाधर पांडा थे. उनके साथ नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार नागेंद्र सिंह और प्रोवीसी डॉ आचार्य ऋषि रंजन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस व साईं बाबा की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. इस अवसर पर डॉ गंगाधर पांडा ने कहा कि देश भर में करीब 500 प्राइवेट विश्वविद्यालय हैं. सभी प्राइवेट विश्वविद्यालय बेहतर कर रहे हैं. इसी तरह नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी भी अल्प समय में ही झारखंड के श्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में से एक बन गयी है. इस दौरान उन्होंने यूनिवर्सिटी में संचालित विभिन्न कोर्स की भी चर्चा की. साथ ही विद्यार्थियो का मार्गदर्शन करते हुए देश के विकास में सहभागिता की सीख दी. कुलपति डॉ गंगाधर पांडा ने समारोह में नई शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 को बढ़ावा देने पर भी बल दिया. उन्होंने कहा कि कोल्हान विश्वविद्यालय ने एनईपी के तहत अपना सिलेबस तैयार कर लिया है. उन्होंने कहा कि एनईपी के तहत विद्यार्थी अपने देश व संस्कृति को भी समझ व आत्मसात कर सकेंगे. उन्होंने नेताजी यूनिवर्सिटी के शिक्षकों को भी नई शिक्षा नीति को समझ कर पठन-पाठन के प्रति प्रोत्साहित किया. इसे भी पढ़ें : बाहुबली">https://lagatar.in/bahubali-mukhtar-ansari-sentenced-to-10-years-fined-5-lakhs/">बाहुबली
मुख्तार अंसारी को 10 साल की सजा, 5 लाख जुर्माना
alt="" width="600" height="248" /> यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार नागेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्व के वर्षों में नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी विभिन्न संस्थानों अथवा संगठनों द्वारा आयोजित करियर फेयर में अपने स्टॉल्स लगाया करती थी. मात्र एक स्टॉल पर यूनिवर्सिटी में संचालित करीब 40 कोर्स की एक साथ जानकारी देना संभव नहीं हो पाता था. इसे ध्यान में रखते हुए यूनिवर्सिटी की मार्केटिंग टीम के सहयोग से पिछले वर्ष से यह आयोजन शुरू किया गया है. आगामी दिनो में झारखंड के अन्य शहरों व जिलों में भी करियर जंक्शन का आयोजन किया जायेगा. उन्होंने यूनिवर्सिटी के उद्देश्यों की चर्चा करते हुए कहा कि कुशल मानव संसाधन तैयार करना है. उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी में किसी कोर्स को पूरा करने में विद्यार्थी जितना खर्च करते हैं, कम से कम उतना सालाना पैकेज के साथ कैंपस प्लेसमेंट कराना भी यूनिवर्सिटी का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है. इसे भी पढ़ें : बेंगलुरु">https://lagatar.in/ed-raids-3-locations-of-byjus-in-bengaluru-seizes-digital-data/">बेंगलुरु
में BYJU’s के 3 ठिकानों पर ईडी का छापा, डिजिटल डेटा सीज समारोह के आरंभ में प्रोवीसी डॉ आचार्य ऋषि रंजन ने 185 विद्यार्थियों के साथ नेताजी सुभाष मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट से लेकर वर्ष 2018 में नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी बनने तक के सफरनामे पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया वर्तमान में विश्वविद्यालय में डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई होती है. करीब 40 कोर्स संचालित हैं और विद्यार्थियों की संख्या 4500 से अधिक है. इस अवसर पर यूनिवर्सिटी के शिक्षक-शिक्षिकाएं, मार्केटिंग टीम के पदाधिकारी व कर्मचारी, छात्र-छात्राएं, नामांकन के लिए आये विद्यार्थी तथा अभिभावकगण उपस्थित थे. [wpse_comments_template]

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