Search

Jamshedpur News : टाटा लीज नवीकरण से पहले विस्थापितों ने सरकार से मांगा जवाब

एकजुटता दिखाते विस्थापित.

Jamshedpur : जमशेदपुर में टाटा कंपनी की लीज नवीकरण प्रक्रिया को लेकर विस्थापित रैयतों और मूलवासियों ने अपनी आवाज तेज कर दी है. झारखंड मूलवासी अधिकार मंच के बैनर तले 18 मौजा के मूल रैयत, खतियानधारी आदिवासी व मूलवासी विस्थापितों ने सरकार और जिला प्रशासन के समक्ष कई अहम मांगें रखी हैं.

 

मंच के प्रतिनिधियों ने कहा कि टाटा कंपनी की स्थापना के समय जिन लोगों की जमीन अधिग्रहित की गई थी, उनका पहले व्यापक सर्वे कराया जाए. साथ ही विस्थापित परिवारों को विस्थापित प्रमाण पत्र, मुआवजा, पुनर्वास, नौकरी व जमीन वापसी का अधिकार सुनिश्चित किया जाए.

 

मंच की ओर से वर्ष 1996 के सर्वे खतियान को रद्द कर 1908 और 1937 के खतियान को मान्यता देने की मांग भी उठाई गई है. इसके समर्थन में राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के ज्ञापांक 07/विविध (जनावेदन)-24/2025 3334 (07)/रा० दिनांक 11 दिसंबर 2025 और झारखंड मूलवासी अधिकार मंच के पत्रांक 1372/HM/2026 दिनांक 10 फरवरी 2026 का हवाला दिया गया.

 

विस्थापित रैयतों ने कहा कि उन्होंने पहले ही पूर्वी सिंहभूम के तत्कालीन उपायुक्त को जमीन से जुड़े दस्तावेज और खतियान की प्रतियां सौंपते हुए आवेदन दिया था. अब उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या उस प्रस्ताव को राज्य सरकार के पास भेजा गया था. यदि भेजा गया है तो उसे सार्वजनिक किया जाए ताकि प्रभावित परिवारों को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके.

 

मंच के सदस्यों का कहना है कि टाटा लीज नवीकरण से पहले विस्थापितों की लंबित मांगों और अधिकारों पर फैसला लिया जाना जरूरी है. उन्होंने सरकार से पारदर्शी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि वर्षों से न्याय की उम्मीद कर रहे विस्थापित परिवारों को उनका हक मिलना चाहिए.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

बेहतर न्यूज़ अनुभव
ब्राउज़र में ही
//