Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

Jamshedpur News : मानगो नगर निगम में कमीशनखोरी का खेल, मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएं- सरयू राय

मशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने मानगो नगर निगम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. कहा कि नगर निगम में जनसुविधाओं की अनदेखी हो रही है, विकास योजनाएं ठप हैं और भुगतान के नाम पर कमीशनखोरी का खेल चल रहा है.
Advertisement
Advertisement
मानगो नगर निगम कार्यालय के बाहर धरना पर बैठे सरयू राय व अन्य.
  • पार्षद दो प्रतिशत, मेयर अलग से मांग रहीं कमीशन

Jamshedpur : जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने मानगो नगर निगम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. कहा कि नगर निगम में जनसुविधाओं की अनदेखी हो रही है, विकास योजनाएं ठप हैं और भुगतान के नाम पर कमीशनखोरी का खेल चल रहा है. विधायक सोमवार को नगर निगम कार्यालय के बाहर एनडीए के घटक दलों के धरने को संबोधित कर रहे थे.


उन्होंने कहा कि मानगो में सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है. कई इलाकों में लोगों को केवल 10 से 15 मिनट पानी मिल रहा है. कुछ मोहल्लों में तो दो-तीन दिन बाद जलापूर्ति हो रही है. कई जगह आधी रात को पानी छोड़ा जा रहा है. इससे आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है. सफाई व्यवस्था भी बदहाल है. नगर निगम केवल कूड़ा उठाने तक सीमित है. नियमतः कचरे का अलग-अलग प्रबंधन व उसका प्रसंस्करण जरूरी है, लेकिन इस दिशा में कोई काम नहीं हो रहा.


सरयू राय ने आरोप लगाया कि नगर निगम का इस्तेमाल जनता की समस्याएं दूर करने की बजाय राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है. कुछ लोग 2029 के चुनाव को ध्यान में रखकर नगर निगम चला रहे हैं. जनता की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. वार्ड पार्षदों के साथ मिलकर क्षेत्र की समस्याओं की निगरानी की जाएगी. कार्यकर्ताओं को भी निर्देश दिया गया है कि वे नियमित रूप से वार्डों का दौरा कर लोगों की परेशानियों की जानकारी लें.


विधायक ने सोशल मीडिया पर सामने आए एक ठेकेदार के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि एक पार्षद पर भुगतान के लिए दो प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप लगा है. वहीं, मेयर पर अलग से कमीशन मांगने की बात कही गई है. उन्होंने कहा कि यदि भुगतान के लिए कमीशन लिया जाएगा, तो कभी जनता के हित में काम नहीं कर सकेगा. पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. सरयू राय ने मेयर के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने वेतन नहीं लेने की बात कही थी. उन्होंने कहा कि वेतन लेना या नहीं लेना व्यक्तिगत फैसला हो सकता है, लेकिन यदि उसकी भरपाई कमीशन से की जाए तो यह स्वीकार्य नहीं है.

 

उन्होंने कहा कि यदि वार्ड पार्षद लगातार उपेक्षा महसूस करेंगे तो नगर पालिका अधिनियम के तहत अविश्वास प्रस्ताव लाकर मेयर को हटाने का अधिकार उनके पास है. जनता ने पार्षदों को अपने क्षेत्र की समस्याएं उठाने के लिए चुना है. इसलिए उनकी बात सुनी जानी चाहिए, न कि उन्हें नजरअंदाज किया जाए.


Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही