Jamshedpur : टाटा समूह (टाटा संस) में चेयरमैन पद पर नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. एन चंद्रशेखरन ने अपने मौजूदा कार्यकाल के बाद टाटा संस के चेयरमैन पद पर आगे बने रहने की इच्छा नहीं जताई है. टाटा ट्रस्ट ने उनके फैसले की जानकारी सार्वजनिक करते हुए अब नए चेयरमैन की तलाश की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
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टाटा ट्रस्ट के अनुसार, उसके नामित निदेशकों को 12 अगस्त को एन चंद्रशेखरन का ई-मेल मिला था. इसमें उन्होंने बताया था कि मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद वह दोबारा चेयरमैन की जिम्मेदारी संभालना नहीं चाहते. सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट ने उनके निर्णय का सम्मान करते हुए टाटा संस और पूरे टाटा समूह के लिए उनके योगदान की सराहना की है. कहा कि चंद्रशेखरन ने ऐसे दौर में समूह का नेतृत्व किया, जब टाटा समूह में विकास व विस्तार का महत्वपूर्ण चरण चल रहा था.
नए चेयरमैन के चयन के लिए बनेगी समिति
चंद्रशेखरन के फैसले के बाद सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टियों ने नए चेयरमैन के चयन के लिए एक समिति गठित करने का प्रस्ताव पारित किया है. यह समिति टाटा संस के नियमों और संस्था के उपनियमों के अनुसार संभावित उम्मीदवारों पर विचार करेगी और नए चेयरमैन के नाम की सिफारिश करेगी. ट्रस्ट के मुताबिक नेतृत्व परिवर्तन की पूरी प्रक्रिया समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से पूरी की जाएगी.
फरवरी 2027 तक जिम्मेदारी संभालेंगे चंद्रशेखरन
टाटा समूह के माजूदा चेयरमैन एन चंद्रशेखरन फरवरी 2027 तक पद पर बने रहेंगे. इस दौरान नए उत्तराधिकारी के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. टाटा ट्रस्ट ने भरोसा जताया है कि टाटा संस के सहयोग से नेतृत्व परिवर्तन बिना किसी व्यवधान के पूरा किया जाएगा.
नोएल टाटा के सामने क्या है स्थिति?
वर्तमान में टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा हैं. हालांकि, टाटा ट्रस्ट और टाटा समूह के चेयरमैन पद को अलग रखने की व्यवस्था के कारण दोनों जिम्मेदारियां एक ही व्यक्ति के पास नहीं होंगी. 2022 में रतन टाटा के कार्यकाल के दौरान टाटा ट्रस्ट और टाटा संस के नेतृत्व को अलग रखने से जुड़ा प्रस्ताव पारित किया गया था. ऐसे में अब नए चेयरमैन के चयन में किसी दूसरे उम्मीदवार पर विचार किया जाना है.
नए चेयरमैन के नाम को लेकर अभी कोई अंतिम घोषणा नहीं हुई है. चयन समिति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि टाटा समूह की कमान आगे किसे सौंपी जाएगी.
टाटा संस के पहले गैर-पारसी चेयरमैन हैं चंद्रशेखरन
एन चंद्रशेखरन टाटा समूह के पहले ऐसे चेयरमैन रहे हैं, जो पारसी समुदाय से नहीं आते. उनसे पहले टाटा समूह के शीर्ष नेतृत्व में पारसी चेयरमैनों की परंपरा रही थी. अब उनके उत्तराधिकारी का चयन टाटा समूह के लिए महत्वपूर्ण है.
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