Jamshedpur (Sunil Pandey) : राष्ट्रीय मानव अधिकार एवं भ्रष्टाचार निवारण (एनएचआरसीसी) संस्था के सदस्य संप्रेक्षण (रिमांड होम) में रह रहे बच्चों की काउंसलिंग करेंगे. इसके लिए संस्था ने जिला बाल संरक्षण इकाई से इसकी अनुमति मांगी है. संस्था के राष्ट्रीय सचिव पीके दास ने बताया कि एनएचआरसीसी महिला शोषण, भ्रष्टाचार एवं रिश्वत के विरूद्ध लगातार मुहिम चला रही है. हाल के दिनों में बच्चों में आपराधिक प्रवृति काफी बढ़ी है. जिसके कारण वे आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के साथ-साथ नशा की गिरफ्त में आ रहे हैं. बच्चों में उक्त प्रवृति को रोकने के लिए उनकी काउंसलिंग बहुत जरूरी है. इसलिए संस्था देश के अलग-अलग जिलों में स्थित रिमांड होम में रह रहे बच्चों को मोटिवेट करने के लिए जागरूकता अभियान चला रही है.
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जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी चंचल कुमारी ने बताया कि राष्ट्रीय मानव अधिकार एवं भ्रष्टाचार निवारण (एनएचआरसीसी) के पदाधिकारी उनसे मिले थे. उनकी ओर से रिमांड होम के बच्चों की काउंसलिंग एवं मोटिवेट करने से जुड़े प्रस्ताव दिए गए हैं. पुरे मामले से उपायुक्त को अवगत कराने के बाद ही इस पर कोई निर्णय लिया जाएगा. वैसे संस्था का बच्चों की काउंसलिंग को लेकर उद्देश्य अच्छा है.
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