: सावन की दूसरी सोमवारी पर शिवालयों में जलाभिषेक के लिए उमड़े श्रद्धालु
जब डीपीआर ही नहीं बना तो कैसे पता चला कि इस पर कितना खर्च होगा
जिस दिन से मानगो में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने रांची से आए पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ मानगो चौक का निरीक्षण किया है उसी दिन से यह चर्चा है कि 250 करोड़ रुपये की रकम कहां से आई. जानकार बताते हैं कि किसी भी योजना का पहले प्रस्ताव तैयार होता है. प्रस्ताव को विभाग की मंजूरी के बाद इसका डीपीआर बनता है. डीपीआर से ही पता चलता है कि योजना की अनुमानित लागत क्या है. डीपीआर से पहले इसकी डिजाइन बनेगी. तब पता चलेगा कि फ्लाईओवर कितना लंबा होगा. लोग सवाल कर रहे हैं कि जब डीपीआर ही नहीं बना तो कैसे पता चला कि इस पर कितना खर्च होगा.कभी पुल तो कभी फ्लाईओवर की चर्चा
मानगो में जाम को देखते हुए यहां नदी पर एक और पुल की बात कई साल से चल रही है. स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता जब से मंत्री बने हैं तब से यह बात चर्चा में है. लेकिन, इतने साल गुजर जाने के बाद भी अब तक इसका प्रस्ताव तक तैयार कर रांची नहीं भेजा गया. लगभग छह महीने पहले स्वर्णरेखा नदी पर एक और पुल की बात चल रही थी. इसे लेकर काफी सियासी रस्साकशी भी चल रही थी. मगर, नदी पर पुल का प्रस्ताव नहीं तैयार हुआ. अब फ्लाईओवर के बारे में भी यही हो रहा है. जानकारों का कहना है कि अगर कोई मानगो के जाम को खत्म करने के लिए फ्लाईओवर का निर्माण कराना चाहता है तो उसे सबसे पहले प्रस्ताव तैयार कराने के बाद इसे मंजूरी दिलानी होगी. फिर डीपीआर तैयार होगा. इसे भी पढ़ें:जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-mp-vidyut-varan-mahto-attended-draupadi-murmus-swearing-in-ceremony/">जमशेदपुर: द्रौपदी मुर्मू के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए सांसद विद्युत वरण महतो [wpse_comments_template]

Leave a Comment