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जमशेदपुर : वीमेंस यूनिवर्सिटी में यूजी और पीजी फिजिक्स व मैथ के शिक्षक नहीं

Jashedpur (Anand Mishra) : जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी में इन दिनों कक्षाओं की स्थिति ठीक नहीं चल रही है. खासकर वैसे विभाग, जहां शिक्षकों की संख्या एक है वहां तो और भी स्थिति ठीक नहीं है. इसका उदाहरण स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) विभाग हैं. इन दोनों विभागों में क्लास लेने वाला कोई शिक्षक नहीं बचा है. दोनों विभागों में एक-एक शिक्षक, जॉब विश्वविद्यालय में अधिकारी बना दिए गए हैं. इस वजह से वे कक्षाएं नहीं ले पा रहे हैं. कार्यालय के काम में ही उनका सारा दिन निकल जाता है. इसे भी पढ़ें : बॉलीवुड">https://lagatar.in/bollywood-actress-preity-zinta-paid-obeisance-at-kamakhya-devi-temple-shared-photo/">बॉलीवुड

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एक को बना दिया गया रजिस्ट्रार, दूसरे एफओ

विश्वविद्यालय के फिजिक्स विभाग में प्रोफ़ेसर राजेंद्र जायसवाल पदस्थापित हैं, जबकि मैथ विभाग में प्रोफेसर खान. प्रकाशन खान को तो पहले ही विश्वविद्यालय का वित्त अधिकारी बनाया जा चुका है. अब पूर्व रजिस्ट्रार डा अविनाश कुमार सिंह के जाने के बाद, फिजिक्स विभाग के प्रोफेसर राजेंद्र जायसवाल को विश्वविद्यालय का रजिस्ट्रार बना दिया गया है. इस तरह दोनों ही विभागों में अब अच्छा है लेने वाला कोई शिक्षक नहीं बचा है. क्योंकि यह दोनों शिक्षक कार्यालय के कार्यों को ही निपटाने में व्यस्त रहते हैं. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/effect-of-ranchi-bandh-albert-ekka-chowk-and-nearby-shops-closed-vehicular-movement-less/">रांची

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दोनों विभागों में घंटी आधारित या संविदा शिक्षक भी नहीं

जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी के यूजी और पीजी जी एवं मैथ विभाग में उक्त दोनों शिक्षकों के अलावा अन्य कोई शिक्षक नहीं है जो कक्षाएं ले सके. इनमें ना तो कोई घंटी आधारित शिक्षक है और ना ही किसी संविदा आधारित शिक्षक की नियुक्ति की गई है. इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि छात्राओं की पढ़ाई राम भरोसे ही चल रही है. इसे भी पढ़ें : बेमौसम">https://lagatar.in/due-to-unseasonal-rains-there-is-an-estimated-reduction-of-10-to-20-lakh-tonnes-in-the-production-of-wheat/">बेमौसम

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दो यूनिट की पढ़ाई से ही हो जाती है

जानकार बताते हैं कि प्रत्येक सेमेस्टर में 5 यूनिट की पढ़ाई होती है. इनमें से केवल दो यूनिट की ही पढ़ाई छात्राओं को कराई जा रही है. यूजी और पीजी के प्रत्येक सेमेस्टर में करीब 70 से 80 छात्राएं हैं. परीक्षा में उन्हें दो यूनिट के आधार पर प्रश्न पत्र सेट किए जाते हैं और परीक्षा हो जाती है. उसी के आधार पर छात्राओं को रिजल्ट देते हुए पास कर दिया जाता है. ऐसे में अब यहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी बेमानी साबित हो रही है. [wpse_comments_template]

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