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जमशेदपुर : मतगणना के दूसरे दिन जिला परिषद के दो प्रत्याशी के जीत की हुई घोषणा

Jamshedpur : दो भाजपा नेताओं राजकुमार सिंह और राम सिंह मुंडा की प्रतिष्ठा की सीट बनी जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र संख्या सात में आज राजकुमार सिंह समर्थित प्रत्याशी पंकज सिन्हा ने बाजी मार ली. राम सिंह मुंडा समर्थित प्रत्याशी सुमित कुमार शर्मा बुरी तरह से पराजित हुए. आठों प्रत्याशियों को मिले मतों में सुमित कुमार शर्मा को सातवां स्थान प्राप्त हुआ है. दूसरे स्थान पर निवर्तमान पार्षद राखी गुहा के पति प्रदीप गुहा उर्फ छोटका रहे. उन्हें पंकज सिन्हा ने 1191 मतों से पराजित किया. इस सीट पर पंकज सिन्हा प्रारंभ से ही बढ़त बनाए हुए थे. पंकज सिन्हा को 5553 वोट प्राप्त हुए, जबकि प्रदीप गुहा को 4362 मत प्राप्त हुए हैं. वहीं जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र संख्या छह से राजकुमार सिंह समर्थित प्रत्याशी रही कुसुम पूर्ति ने जीत दर्ज की. हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. जिप के 12 सीटों के लिए वोटों की गिनती चल रही है. सभी प्रत्याशी मगतणना स्थल पर डटे हुए हैं. इसे भी पढ़ें : चाकुलिया">https://lagatar.in/chakulia-many-houses-were-blown-away-by-the-storm-mla-cooperated/">चाकुलिया

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आजसू के केन्द्रीय संगठन सचिव नहीं बचा पाए जमानत

जिला परिषद सीट संख्या सात से खड़े आजसू पार्टी के केन्द्रीय संगठन सचिव स्वपन कुमार सिंहदेव इस चुनाव में अपनी जमानत नहीं बचा पाए. उन्हें तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा. इस चुनाव में उन्हें 1852 वोट प्राप्त हुए, जो कुल डाले डाले गए वैध मतों 16119 में एक चौथाई से भी काफी कम है. चौथे स्थान पर आनंद कुमार श्रीवास्तव रहे. उन्हें 1630 मत प्राप्त हुए. पांचवे स्थान पर गोलपहाड़ी के रहने वाले राजकुमार सिंह, छठे स्थान पर मो. जावेद को 669, सुमित कुमार शर्मा को 630 और आठवें स्थान पर नितेश मुखी रहें. इन्हें 576 मत प्राप्त हुए. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-the-fire-department-completely-extinguished-the-fire-on-wednesday-after-four-days-of-effort/">जमशेदपुर

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1923 मत अवैध घोषित किए गए

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में काफी संख्या में मतपत्र अवैध घोषित हो रहे हैं. इसका कारण सही जगह पर मुहर नहीं लगाना है. जिला परिषद सात में ऐसे 1923 मतपत्र अवैध घोषित किए गए. वैसे इस सीट पर प्रत्याशियों ने कुल 18042 मतपत्रों का इस्तेमाल किया है. इसमें 16119 मतपत्र वैध घोषित किए. इसी तरह प्रत्येक पद के लिए हुए चुनाव में अवैध मतपत्रों की संख्या ज्यादा निकल रही है. इसका कारण मतदाताओं द्वारा सही जगह और चिन्ह पर मतदान नहीं करना है. [wpse_comments_template]

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