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जमशेदपुर : शहर के 27 अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद किए जाने के प्रशासनिक आदेश पर विफरे संचालक

Jamshedpur ( Sunil Pandey) : शहर के 27 अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद किए जाने के प्रशासनिक आदेश से हाय तौबा मच गया है. कई सेंटरों पर मंगलवार को जहां हंगामा हुआ. वहीं इस मामले की जानकारी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की जमशेदपुर इकाई को होने के बाद एसोसिएशन ने इस मामले में जिला प्रशासन से उचित पहल करने तथा कोर्ट में संचालकों को पक्ष रखने का मौका देने अथवा प्रशासन द्वारा स्वयं पक्ष रखकर न्याय दिलाने की मांग की. मंगलवार को आईएमए भवन में एसोसिएशन ने एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि इस पेशे से जुड़े संचालक निर्दोष हैं. उन्हें बलि का बकरा बनाया गया है. एप्रोप्रिएट ऑथोरिटी के नाम से फॉर्म फरवाया गया. चालान जमा लिया गया. उसके बाद तत्कालिन सिविल सर्जन डॉ. महेश्वर प्रसाद के द्वारा अनुज्ञप्ति निर्गत की गई. अब उक्त अनुज्ञप्ति को फर्जी बताया जा रहा है. एसोसिएशन के सचिव डॉ. सौरभ चौधरी ने बताया कि सेंटर संचालकों की इसमें कहीं कोई गलती नहीं है. जिला प्रशासन को इस मामले में पहल करते हुए अल्ट्रासाउंड सेंटरों को खुलवाना चाहिए. जिससे लोगों की चिकित्सीय समस्या दूर हो सके. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-blood-donation-camp-organized-in-mnps-112-units-blood-collection/">जमशेदपुर

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प्रत्येक छह माह में होती है सेंटर की जांच

अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक डॉ. निरज कुमार ने बताया कि पीसीपीएंडडीटी एक्ट के तहत प्रत्येक अल्ट्रासाउंड सेंटर की एक टीम द्वारा जांच की जाती है. जांच टीम का गठन सिविल सर्जन के द्वारा किया जाता है. जिसमें एक चिकित्सक एक मजिस्ट्रेट तथा एक टेक्नीशियन रहते हैं. जांच टीम अपनी रिपोर्ट देती है. जिसके बाद अनुज्ञप्ति का रिन्यूअल होता है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 के बाद कई दफे टीम ने जांच की. सभी सेंटरों को क्लिनचीट दी गई. लेकिन कोर्ट में मामले में सही पैरवी नहीं होने के कारण बंदी का आदेश जारी किया गया. उन्होंने बताया कि वे डॉक्टर्स डायग्नोस्टिक नाम से सेंटर चलाते हैं. वहां कई मरीजों का मंगलवार को अल्ट्रासाउंड किया जाना था. लेकिन बंद रहने के कारण मरीजों से हंगामा मचाना शुरु कर दिया. किसी तरह समझा बुझाकर मामला शांत कराया गया. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-techno-cultural-fest-province-at-rvs-engineering-college-from-april-26-bollywood-playback-singer-yashar-desai-will-participate/">जमशेदपुर

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हाई कोर्ट में दायर की गई थी पीआईएल

सूचना अधिकार कार्यकर्ता कुमार मनीष ने वर्ष 2020 में गलत तरीके से नियमों के विरूद्ध जाकर सिविल सर्जन के द्वारा अल्ट्रासाउंड सेंटरों को अनुज्ञप्ति निर्गत कर दी थी. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि डॉ. महेश्वर प्रसाद ने उक्त निर्देश अपनी सेवानिवृति के तीन दिन पहले जारी किया. जबकि उस समय कोविड-19 के कारण लॉकडाउन लगा था. साथ ही सिविल सर्जन इसके लिए अधिकृत पदाधिकारी नहीं थे. पीआईएल पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने माना कि अल्ट्रासाउंट क्लिनिक खोलने के लिए प्राधिकृत पदाधिकारी उपायुक्त हैं. इसलिए कोर्ट ने सभी सेंटरों के रजिस्ट्रेशन पर स्टे लगा दिया. प्रेस वार्ता में आईएमए के अध्यक्ष डॉ. जीसी मांझी, डॉ. विजय कुमार, समेत अन्य मौजूद थे. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-student-scientist-interaction-program-jigyasa-organized-at-nml/">जमशेदपुर

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