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Jamshedpur : मत्स्य संपदा योजना में रूचि नहीं ले रहे लोग, विभाग खोज रहा लाभुक

  • वित्तीय वर्ष 2022-23 व 2023-24 के लिए पांच लाभुकों की तलाश
  • योग्य लाभुकों से 17 अगस्त तक मांगे आवेदन
Jamshedpur (Sunil Pandey) : कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की ओर से क्रियान्वित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के लिए खोजने से भी लाभुक नहीं मिल रहे हैं. अभी भी वितीय वर्ष 2022-23 व 2023-24 के लिए लाभुकों की तलाश हो रही है. इसके लिए विभाग की सार्वजनिक सूचना प्रकाशित करायी गयी है. पीएमएमएसवाई के तहत कुल 47 प्रकार की योजनाएं हैं. जिसमें अनुसूचित जाति, जनजाति व सभी वर्ग की महिलाओं के लिए 60 प्रतिशत अंशदान भारत सरकार देती है. जबकि अन्य कोटि के लाभुकों को 40 प्रतिशत अंशदान मिलता है. जिला मत्स्य पदाधिकारी अलका पन्ना ने बताया कि पीएमएमएसवाई के लिए पांच लाभुकों की खोज की जा रही है. इसके लिए सूचना प्रकाशित की गई है. पूर्व में उक्त योजना के तहत 2022-24 में 15 लाभुक चयनित किए गए थे. जिसमें 4 के रूचि नहीं लेने पर बदला गया. इसी तरह 2023-24 में 4 लाभुक का चयन किया गया. जिसमें 1 को बदला गया है. पुनः उपरोक्त वितीय वर्ष के लिए 5 लाभुकों की तलाश की जा रही है. इसके लिए 17 अगस्त तक योग्य लाभुकों से आवेदन मांगे गए हैं. इसे भी पढ़ें : Jamshedpur">https://lagatar.in/jamshedpur-frustrated-with-workload-jusco-supervisor-commits-suicide-by-hanging-himself-in-office/">Jamshedpur

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महाझींगा व मांगुर पालन के लिए मांगे गए आवेदन

जिला मत्स्य कार्यालय की ओर से निजी तालाब में महाझींगा मांगुर (देसी) पालन के लिए लाभुकों से आवेदन मांगे गए हैं. इस योजना के लिए चार लाभुकों का चयन किया जाना है. प्रति यूनिट 1.60 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे. इसी तरह समेकित मत्स्य सह बतख पालन के लिए चार लाभुकों का चयन किया जाना है. इसके लिए प्रति यूनिट 1.52 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे. इन दोनों योजनाओं में अनुसूचित जाति, जन जाति व महिलाओं को 80 प्रतिशत की सब्सिडी मिलेगी. जबकि अन्य कोटि के लाभुकों को 70 प्रतिशत सब्सिडी देय है. इसके लिए लाभुक जिला मत्स्य कार्यालय में 14 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं. इसे भी पढ़ें : Adityapur">https://lagatar.in/adityapur-roads-of-kalpanapuri-submerged-the-corporation-had-built-the-road-two-months-ago-water-is-accumulating-due-to-lack-of-drain/">Adityapur

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जिले में नहीं है फीड मिल

जिले में मछली का बीज (चारा) संचयन केंद्र नहीं है. जिसके कारण मछली पालन के कारोबार से जुड़े लोग चांडिल, रांची स्थित फीड सेंटर अथवा दूसरे राज्यों से मछली का बीज लाकर पालन करते हैं. जिला मत्स् य पदाधिकारी ने बताया कि फीड मिल के लिए पोटका के दो लाभुकों का चयन किया गया था. लेकिन दोनों ने इसमें रूचि नहीं ली. जिसके कारण उन्हें बदल दिया गया. कहा कि मछली का चारा (2एमएम) में 50 प्रतिशत की सब्सिडी विभाग दे रहा है. दूसरे जिले से बीज लाने वाले लाभुको को उक्त छूट विभाग में आवेदन देने के बाद ही प्राप्त होगा. उन्होंने बताया कि नया तालाब बनाने के लिए भी विभाग सहयोग प्रदान कर रहा है. ज्ञातव्य हो कि जिले में कुल 7820 तालाब (निजी व सरकारी) हैं. [wpse_comments_template]

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