Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

Jamshedpur : अधिकांश कॉलेजों में हाल के वर्षों में ठप हैं प्लेसमेंट सेल की गतिविधियां

बदहाली : कोल्हान विश्वविद्यालय का प्लेसमेंट सेल छात्रों को रोजगार दिलाने में फिसड्डी.

पांच साल में एक हजार छात्रों को भी रोजगार नहीं दिला सका कोल्हान विश्वविद्यालय का प्लेसमेंट सेल

मुख्य संवाददाता | जमशेदपुर कोल्हान विश्वविद्यालय अपने स्थापना काल के बाद से ही लगातार विकास की ओर अग्रसर है. विश्वविद्यालय में यूजी, पीजी से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई होती है, लेकिन विश्वविद्यालय का प्लेसमेंट सेल अपने छात्रों को रोजगार दिलाने की दिशा में पूरी तरह सफलता नहीं हासिल कर सका है. यूं कहें कि विश्वविद्यालय का प्लेसमेंट सेल अब तक फिसड्डी साबित हुआ है. अब तक के आंकड़े बताते हैं कि हर वर्ष जहां हजारों छात्र विश्वविद्यालय से पीजी की डिग्री हासिल करते हैं, वही कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से जॉब हासिल करने वालों की संख्या नाममात्र की है.

केवल नाम मात्र के लिए प्लेसमेंट ड्राइव

विश्वविद्यालय में प्लेसमेंट सेल तो है, लेकिन देखा जाए तो अब तक नाम मात्र के लिए ही प्लेसमेंट ड्राइव चलाए गए हैं. साल में एक या दो बार प्लेसमेंट ड्राइव चल जाए तो यह छात्रों के लिए बड़ी बात होती है. विश्वविद्यालय के स्थापना काल से लेकर अब तक देखा जाए तो आरंभिक काल में कैंपस प्लेसमेंट हुए ही नहीं. उसके बाद वर्ष 2016 के बाद से विश्वविद्यालय में कुछ केंपस ड्राइव चलाये गये, जिसके माध्यम से कुछ छात्रों को रोजगार मिला.

5 साल में 633 विद्यार्थियों को मिला जॉब

कोल्हान विश्वविद्यालय के विभिन्न पीजी विभाग में हजारों की संख्या में छात्र पढ़ाई करते हैं. हर साल करीब 5000 छात्र यूजी की डिग्री हासिल कर विश्वविद्यालय से पास आउट होते हैं. पिछले 5 साल के आंकड़े को देखा जाये तो 25 हजार छात्रों में से आज तक मात्र 633 विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय प्लेसमेंट ड्राइव के माध्यम से रोजगार दिला सका है.

वर्षवार प्लेसमेंट

2018 - 122

2019 - 113

2020 - 90

2021 - 128

2022 - 180

 

क्या कहते हैं अधिकारी

विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि हाल के वर्षों में प्लेसमेंट सेल को मजबूत और सक्रिय करने की दिशा में कई आवश्यक कदम उठाये गये हैं. निकट भविष्य में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे. हालांकि अब तक जितने भी प्लेसमेंट ड्राइव हुए हैं, उनका समुचित डाटा विश्वविद्यालय के पास उपलब्ध नहीं हो पाया है.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही