2000 के दशक में जोगा राव, दुधई यादव और भीम माहली था चर्चा में, पहचानती नहीं थी पुलिस
तीन माह पहले ही आया था बोड़ाम से परसुडीह
उत्तम मैती और अंजना महतो इसके पहले बोड़ाम थाना क्षेत्र में रहते थे. तीन माह पहले ही बोड़ाम से परसुडीह के बारीगोड़ा आये थे. यहां पर किराये का मकान में रहते थे. जबकि अपनी बड़ी बेटी (6) को बोड़ाम में ही छोड़ दिया था. उत्तम और अंजना ने दो-दो शादी की थी. धितिका अंजना की बेटी नहीं थी.कारणों का खुलासा नहीं
आखिर दंपति ने चार साल की बेटी की हत्या क्यों की है, इसका खुलासा पुलिस ने नहीं किया है. सिर्फ पढ़ाई के लिये दबाव बनाने के लिये ही पीट-पीटकर हत्या की गयी है या कोई और भी कारण है. इसकी जांच पुलिस कर रही है. परसुडीह पुलिस जांच के क्रम में बोड़ाम आवास पर भी जायेगी. इसके बाद मामले में कुछ और पहलु सामने आ सकता है.यह था मामला
29 जून को माता-पिता ने बेटी धितिका का हाथ-पैर बांधकर मारपीट की थी. मारपीट के दौरान ही उसकी हालत बिगड़ने पर रात को खासमहल के सदर अस्पताल एक टेंपो से लेकर गये हुये थे. इस बीच उसकी रास्ते में ही मौत हो गयी थी. इसके बाद दोनों बारीगोड़ा आवास पर जाने के बजाये सीधे गालूडीह स्टेशन एक ट्रेन से पहुंच गये थे. यहां पर जंगल-झाड़ में बेटी के शव को फेंककर उसी रात बोड़ाम स्थित अपने पुष्तैनी आवास पर चले गये थे. एक सप्ताह तक वहां रहने के बाद 4 जून की देर रात बारीगोड़ा पहुंचे थे. पड़ोसियों की शिकायत के बाद परसुडीह पुलिस ने उत्तम और अंजना को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, तब मामला का पटाक्षेप हुआ था. इसे भी पढ़ें : चार">https://lagatar.in/when-the-four-year-old-daughter-did-not-study-the-parents-tied-her-and-beat-her-threw-her-in-galudih-on-death/">चारवर्ष की बेटी नहीं पढ़ती थी तो मां-बाप ने बांधकर पीटा, मरने पर गालूडीह में फेंका [wpse_comments_template]

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