Search

जमशेदपुर: बैंक ऑफ इंडिया डकैतीकांड में पुलिस टीम को कोड़ा गैंग के पीछे लगाया

Jamshedpur (Ashok Kumar) : उलीडीह थाना क्षेत्र के बैंक ऑफ इंडिया में हुयी एक करोड़ की डकैतीकांड में शहर की एक पुलिस टीम को कोड़ा के गैंग के पीछे लगाया गया है. टीम गुरुवार की देर रात ही कटिहार पहुंच गयी है. वहां पर स्थानीय पुलिस से मदद लेकर डकैतीकांड का उद्भेदन करने में लगी हुयी है. हालाकि घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस को किसी तरह की सफलता हाथ नहीं लगी है. इसके लिये दूसरे राज्यों में भी टीम बनाकर भेजी गयी है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-this-is-how-the-robbery-of-35-lakhs-and-jewelry-happened-in-bank-of-india/">जमशेदपुर:

इस तरह हुई बैंक ऑफ इंडिया में एक करोड़ की डकैती

कोड़ा गैंग का मोडस अपरेंडी

कोड़ा गैंग का मोडस अपरेंडी बिल्कुल ही अलग है. गैंग के लोग किसी तरह की भी बड़ी वारदात को अंजाम देने के बाद वे उस शहर को ही छोड़ देते हैं. इसके बाद दूसरे शहर को अपना निशाना बनाते हैं. जिला पुलिस को बैंक ऑफ इंडिया में हुई डकैतीकांड में कोड़ा गैंग पर आशंका है और इसी आशंका को दूर करने के लिये टीम को उसके पीछे लगाया गया है.

32 लाख लूट में भी कोड़ा गैंग पर ही थी आशंका

छह माह पूर्व जब 14 फरवरी को बिष्टुपुर के केनरा बैंक में 32 लाख की लूट हुई थी, तब भी जिला पुलिस को आशंका थी कि कोड़ा गैंग ही हो सकता है. छह माह के बाद भी पुलिस मामले में सुराग नहीं ढूंढ पायी. तब डॉ. एम तमिल वाणन शहर के एसएसपी थे. प्रोन्नत होने के बाद जब उनकी शहर में विदायी समारोह चल रही थी, तब उन्होंने कहा था कि 32 लाख लूट का उद्भेदन नहीं करना उनके लिये मलाल ही रह गया है.

शहर में दो माह तक चला था विशेष अभियान

लूट की घटना के बाद तब शहर में दो माह तक विशेष अभियान चलाया गया था. अभियान में खासकर चौक-चौराहें पर अड्डेबाजी करने और दुकानों पर जमघट लगाने वालों को निशाना बनाया गया था. ऐसे लोगों को पुलिस घेरकर पकड़ती थी और थाने में लेकर जाने के बाद उनके अभिभावकों को बुलाकर बांड लिखवाकर छोड़ती थी. नये एसएसपी प्रभात कुमार अपने अंदाज में डकैतीकांड का उद्भेदन करने चाहते हैं. उनके लिये इस कांड का उद्भेदन करना किसी चुनौती से कम नहीं है.

शहर के पुराने अपराधियों को भी खंगाल रही है पुलिस

पिछली बार हुयी लूट की तरह से जिला पुलिस शहर के पुराने अपराधियों को खंगालने का काम कर रही है. सभी दागियों की सूची थानेदारों को बनाने और उनसे पूछताछ करने के लिये कहा गया है. उनका आपराधिक रिकार्ड भी तैयार करने को कहा गया है. शहर के अलावा अगर किसी अपराधी की शहर के बाहर भी सक्रिय है तो उनकी अलग सूची बनाने के लिये कहा गया है.

क्या था मामला

उलीडीह के बैंक ऑफ इंडिया में गुरुवार (19 अगस्त) की सुबह 10 बजे आधा दर्जन डकैत बैंक के भीतर सीबीआइ का अधिकारी बताकर घुस थे. इसके बाद बैंक के कर्मचारियों और ग्राहकों को मोबाइल अपने पास रख लिये और पिस्टल का भय दिखाकर सभी को किनारे कर दिया और बैंक से नकद 35 लाख रुपये समेत कुल एक करोड़ के जेवर लेकर फरार हो गये थे. घटना को अंजाम देने के बाद डकैतों ने बैंक के गेट के बाहर अपना ताला लगा दिया था. इसके बाद बाइक से फरार हो गये थे. डकैतों के हाथ में बैग साफ दिख रहा था. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-15-sentenced-to-death-for-the-murder-of-manoj-singh-inside-ghagidih-jail/">जमशेदपुर:

घाघीडीह जेल में मनोज सिंह की हत्या में 15 दोषियों को मिली फांसी का सजा
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp