Jamshedpur (Anand Mishra) : जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में स्थित प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत हर वर्ष बच्चों का एडमिशन लिया जा रहा है. बच्चे हर साल अगली कक्षा में प्रमोट भी किये जा रहे हैं. लेकिन स्कूलों को इन बच्चों को पढ़ाये जाने के एवज में सरकार की ओर से फीस का भुगतान नहीं किया जा रहा है. इससे स्कूलों की परेशानी बढ़ गयी है. स्कूलों प्रबंधनों का कहना है कि वे हर साल बच्चों का एडमिशन ले रहे हैं और आगे भी लेते रहेंगे. आरटीई के तहत कमजोर एवं अभिवंचित वर्ग के बच्चों को पढ़ाना जारी रखेंगे. लेकिन ऐसे बच्चों की पढ़ाई के एवज में मिलने वाली फीस का सरकार समय से भुगतान कर दे. इसे भी पढ़ें : विधायक">https://lagatar.in/mla-cash-scandal-high-court-reserves-verdict-on-petition-filed-against-zero-fir/">विधायक
कैश कांड : जीरो FIR के खिलाफ दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला अनएडेड स्कूल एसोसिएशन के बी चंद्रशेखर ने बताया कि सरकार के पास यहां के स्कूलों का तीन साल के लगभग डेढ़ करोड़ रुपये बकाया हैं. इसके भुगतान में सरकार की ओर से नियमों का हवाला दिया जा रहा है. सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि जिन स्कूलों को सरकार की ओर से भूमि उपलब्ध करायी गयी है अथवा अनुदान दिया जा रहा है, उन्हें संबंधित राशि का भुगतान नहीं किया जायेगा. उन्होंने बताया कि उनके स्कूल को न तो सरकार की ओर से भूमि उपलब्ध करायी गयी है और न ही अनुदान दिया जाता है. ऐसे में सरकार को उनको और ऐसे सभी स्कूलों को कोटे की सीटों पर नामांकित बच्चों की फीस की राशि का समय से भुगतान कर दिया जाये. हालांकि वे भविष्य में भी कोटे की सीटों पर बच्चों का एडमिशन लेने और उन्हें पढ़ाने के लिए कृतसंकल्प हैं. [wpse_comments_template]
जमशेदपुर : प्राइवेट स्कूलों को तीन साल से नहीं मिली कोटे की सीटों पर नामांकित बच्चों की फीस, सरकार दे रही नियमों का हवाला

Leave a Comment