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जमशेदपुर : को-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज को अंगीभूत कॉलेजों की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा गया कैबिनेट

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Jamshedpur (Anand Mishra) : जमशेदपुर कॉ-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज को अंगीभूत कॉलेजों की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव कैबिनेट के पास भेजा गया है. यह जानकारी कॉलेज के छात्र अमर कुमार तिवारी ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की उपनिदेशक विभा पांडेय के हवाले से दी है. अमर कुमार तिवारी ने बताया है कि राजधानी रांची के नेपाल हाउस स्थित उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव राहुल पुरवार को उन्होंने बुधवार को एक ज्ञापन सौंपा. इसके माध्यम से उन्होंने जमशेदपुर कॉ-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज को स्वतंत्र इकाई घोषित करने की मांग की. ज्ञापन सौंपने के उपरांत अमर तिवारी ने विभाग की उपनिदेशक विभा पांडेय से मुलाकात की. विभा पांडेय ने बताया कि जमशेदपुर कॉ-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज को अंगीभूत कॉलेजों की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव झारखंड कैबिनेट के पास भेज दिया गया है. इसे भी पढ़ें : BREAKING">https://lagatar.in/breaking-hemant-soren-will-have-to-answer-eds-questions-for-five-days-court-approves-remand/">BREAKING

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कॉलेज प्रशासन को आधिकारिक जानकारी नहीं

इस संबंध में कॉलेज के प्राचार्य डॉ जितेंद्र कुमार ने बताया कि उनके पास कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है. इतनी जानकारी है कि प्रस्ताव विधि विभाग से होते हुए वित्त विभाग के पास गया है. लेकिन छात्र अमर तिवारी ने उन्हें विभाग की उपनिदेशक के हवाले से यह जानकारी दी है कि कॉलेज को स्वतंत्र इकाई घोषित करने का प्रस्ताव कैबिनेट के पास भेजा गया है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-womens-university-student-wins-gold-medal-in-indo-nepal-karate-championship/">जमशेदपुर

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सिर्फ नाम के लिए सरकारी कॉलेज

कॉलेज के छात्रों का कहना है कि सिर्फ नाम के लिए यह सरकारी कॉलेज कहा जाता है. उच्च शिक्षा विभाग के अंगीभूत कॉलेजों की सूची में इस कॉलेज का आज तक नाम दर्ज नही हो सका है. इसका कारण इसे अब तक स्वतंत्र इकाई घोषित नहीं किया जा सका है. 23 साल पूर्व यह पहले जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज में एक विधि विभाग के रूप में संचालित होता था, परंतु वर्ष 2000 में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के मापदंड के अनुसार विधि कॉलेज को अलग जगह पर स्वतंत्र रूप से चलने पर ही उसे स्थाई मान्यता दिये जाने का निर्णय प्रकाश में आया. इसे भी पढ़ें : हम">https://lagatar.in/we-are-neither-right-wing-nor-left-wing-we-are-known-opportunists-nitin-gadkari/">हम

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उसके बाद जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज द्वारा 5 एकड़ जमीन लॉ कॉलेज की स्थापना के लिए दी गई. उसमें दो क्लास रूम वाले भवन का भी निर्माण कराया गया और तब से आज तक इसे स्वतंत्र इकाई घोषित करने का प्रस्ताव विभाग के पास लंबित है. इस कॉलेज से पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास कानून की पढ़ाई कर चुके हैं. स्वतंत्र इकाई नहीं होने के कारण कॉलेज को कोई सरकारी फंड भी आवंटित नहीं हो पाता है. विद्यार्थियों के फीस से कॉलेज का संचालन हो रहा है. मूलभूत संसाधनों की कमी के कारण बार कॉउन्सिल ऑफ इंडिया से कॉलेज को स्थाई मान्यता नहीं मिल पाती है. इस संबंध में विधायक सरयू राय ने भी विधानसभा में मामला उठाया था. विद्यार्थी अमर तिवारी ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर भरोसा है कि विद्यार्थियों के हित में फैसला आएगा और लॉ कॉलेज स्वतंत्र इकाई घोषित होकर रहेगा. [wpse_comments_template]

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