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जमशेदपुर : 50 से कम उम्र के लोगों को तेजी से निशाना बना रहा प्रोस्टेट कैंसर

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Jamshedpur (Rohit Kumar) : सितंबर माह को विश्व प्रोस्टेट कैंसर जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है. शनिवार को साकची के एक होटल में मेडिका सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, कोलकाता के डॉ अभय कुमार ने जागरूकता को लेकर एक प्रेस वार्ता की. जिसमें उन्होंने प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण और उससे बचाव के उपाय बताए. डॉ अभय ने बताया कि हाल के अध्ययनों के अनुसार प्रोस्टेट कैंसर प्रति वर्ष 2.5 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है. इसका सबसे बड़ा मुख्य कारण जीवनशैली में बदलाव, खान-पान और पर्यावरण प्रदूषण है. इसे रोकने के लिए जागरूकता की आवश्यकता है. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-introduction-session-of-b-ed-students-organized-in-womens-college/">चाईबासा

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गेम चेंजर है रोबोटिक सर्जरी

डॉ अभय ने बताया कि पहले प्रोस्टेट कैंसर के लिए पूर्व में जो तकनीक अपनाई जाती थी वह काफी दर्द भरी थी. अब इसका इलाज रोबोटिक सर्जरी से किया जाता है, जो कि एक गेम चेंजर है. उन्होंने बताया कि मेडिका सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रोबोटिक सर्जरी के लिए पूर्वी भारत में सबसे बड़ा वॉल्यूम सेंटर और सबसे तेजी से बढ़ने वाला केंद्र है. रोबोटिक सर्जरी एक प्रभावी सर्जिकल प्रक्रिया है, यह कोलकाता में मेडिका ऑन्कोलॉजी यूनिट में सस्ती और आसानी से उपलब्ध है. पहले यह माना जाता था कि बुजुर्गो को प्रोस्टेट कैंसर होता है. लेकिन अब 50 वर्ष के नीचे के लोग भी इस बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं. इसे प्रिवेंशन और अर्ली डिटेंशन से रोका जा सकता है. लक्षणों के आधार पर हर किसी को 45 से 50 साल के बाद प्रोस्टेट कैंसर की जांच अवश्य करानी चाहिए. फैमिली हिस्ट्री होने पर यह बीमारी कम उम्र में भी हो सकती है. अगर शुरुआत में इस बीमारी का पता चल जाए तो इलाज और ऑपरेशन दोनों संभव है. [wpse_comments_template]

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